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BSES : अब दिल्ली में बिजली जाने पर नहीं होगी टेंशन, सोलर माइक्रो ग्रिड से होगी पावर सप्लाई

बैटरी आधारित इस ग्रिड से अब बिजली जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी.

बैटरी आधारित इस ग्रिड से अब बिजली जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी.

BSES Solar Micro Grid: बिजली के पारंपरिक ग्रिड या नेटवर्क में खराबी आने की स्थिति में, इस सोलर माइक्रो ग्रिड से बैटरी में स्टोर की गई सौर ऊर्जा से उन्हें बिजली आपूर्ति की जा सकेगी. साथ ही, बिजली गुल होने की स्थिति में अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं को भी तत्काल इस बैटरी से बिजली मुहैया कराई जा सकेगी.

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    नई दिल्ली. टाटा पावर (Tata Power) के बाद अब बीएसईएस (BSES) ने भी सोलर माइक्रोग्रिड (Solar Micro Grid) लॉन्च किया है. बैटरी आधारित इस ग्रिड से अब बिजली जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी. इस सोलर माइक्रो ग्रिड से 100 किलोवॉट सौर ऊर्जा (Solar Power) का भी उत्पादन किया जा सकेगा.

    बीएसईएस का दावा है कि दिल्ली में यह अपने आप में पहला सोलर माइक्रो ग्रिड लॉन्च किया गया है. यह सोलर माइक्रो ग्रिड 100 किलोवॉट सौर ऊर्जा कर उत्पादन करेगा और इसकी विशालकाय लिथियम इऑन बैटरी में 466 किलोवॉट सौर ऊर्जा स्टोर की जाएगी. बैटरी में स्टोर की गई सौर ऊर्जा इलाके के लोगों के लिए सामूहिक पावर बैकअप के तौर पर काम करेगी. भारत और जर्मनी के सौर ऊर्जा पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत इसको तैयार किया गया है.

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    ग्रिड या नेटवर्क में खराबी आने पर बैटरी में स्टोर सौर ऊर्जा से होगी बिजली आपूर्ति 
    बिजली के पारंपरिक ग्रिड या नेटवर्क में खराबी आने की स्थिति में, इस बैटरी में स्टोर की गई सौर ऊर्जा से उन्हें बिजली आपूर्ति की जा सकेगी. साथ ही, बिजली गुल होने की स्थिति में अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं को भी तत्काल इस बैटरी से बिजली मुहैया कराई जा सकेगी. साउथ दिल्ली स्थित मालवीय नगर के शिवालिक में साढ़े पांच करोड़ रूपये की लागत से यह सोलर माइक्रो ग्रिड तैयार किया गया है.

    ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन ने आज सोलर माइक्रो ग्रिड का उद्घाटन किया. Delhi Government, Power Companies, Discoms, BSES Solar Micro Grid, Solar Micro Grid, Tata Power Delhi Distribution Limited, TPDDL, Satyendar Jain, दिल्ली सरकार, बिजली कंपनियां, डिस्कॉम, बीएसईएस, बीएसईएससोलर माइक्रो ग्रिड, सोलर माइक्रो ग्रिड, टाटा पावर दिल्ली वितरण कंपनी लिमिटेड, टीपीडीडीएल, सत्येंद्र जैन

    ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन ने आज सोलर माइक्रो ग्रिड का उद्घाटन किया.

    दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन (Satyendar Jain) ने आज इस सोलर माइक्रो ग्रिड का उद्घाटन किया. इस मौके पर डीईआरसी के चेयरमैन जस्टिस शबीहुल हसनैन शास्त्री, डीईआरसी मेंबर डॉ एके अम्बष्ट, जर्मनी के फेडरल मिनिस्ट्री फॉर इकनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी बीएमजेड के सेक्रेटरी नॉर्बट बार्थले, डच गेसेलशाफ्ट फॉर इंटरनेशनल जुसामेनैरबिट यानी जीआईएच के हेड ऑफ एनर्जी डॉ विनफ्राइड डैम, जीआईजेड इंडिया की कंट्री डायरेक्टर डॉ जूली रेवीरे और बीएमजेड की सेक्रेटरी फ्लैचबार्थ उपस्थित थीं.

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    रिलायंस इंफ्रास्ट्र्क्चर के नेतृत्व वाली बीएसईएस की टीम भी बीएसईएस के डायरेक्टर व ग्रुप सीईओ अमल सिन्हा और बीआरपीएल के सीईओ राजेश बंसल के प्रतिनिधित्व में मौजूद थी.

    उपभोक्ताओं को ये होगा इस ग्रिड का फायदा
    सोलर ग्रिड से एक ओर जहां उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यह उन्हें सामूहिक पावर बैकअप की सुविधा भी देगा. आपातकालीन सेवाओं को और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी. यह सोलर ग्रिड इलाके में इन्वर्टर/जेनरेटर आदि की जरूरत को काफी कम करेगा.

    सोलर माइक्रो ग्रिड के उद्घाटन पर रिलायंस इंफ्रास्ट्र्क्चर के नेतृत्व वाली बीएसईएस की टीम के प्रतिनिधित्व भी माैजूद थे. Delhi Government, Power Companies, Discoms, BSES Solar Micro Grid, Solar Micro Grid, Tata Power Delhi Distribution Limited, TPDDL, Satyendar Jain, दिल्ली सरकार, बिजली कंपनियां, डिस्कॉम, बीएसईएस, बीएसईएससोलर माइक्रो ग्रिड, सोलर माइक्रो ग्रिड, टाटा पावर दिल्ली वितरण कंपनी लिमिटेड, टीपीडीडीएल, सत्येंद्र जैन

    सोलर माइक्रो ग्रिड के उद्घाटन पर रिलायंस इंफ्रास्ट्र्क्चर के नेतृत्व वाली बीएसईएस की टीम के प्रतिनिधित्व भी माैजूद थे.

    जगह की समस्या का बेहतर समाधान
    दिल्ली जैसे शहर में जगह की बड़ी समस्या है. ऐसे में सोलर माइक्रो ग्रिड ने जगह की समस्या का एक बेहतर समाधान पेश किया है. उल्लेखनीय है कि इस सोलर ग्रिड के निर्माण में काफी कम स्पेस का इस्तेमाल हुआ है. जमीन से ऊपर खड़े किए गए एक स्ट्र्क्चर पर यह सोलर माइक्रो ग्रिड बनाया गया है. इसके नीचे की स्पेस का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कार चार्जिग स्टेशन के तौर पर किया जाएगा.

    कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी
    इस एक सोलर ग्रिड से कार्बन उत्सर्जन में 115 टन की कमी आ सकेगी. साथ ही, इससे 30 मीट्रिक टन कोयले को जलने से बचाया जा सकेगा.

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    डिस्कॉम को भी इस सोलर माइक्रो ग्रिड से होगा फायदा
    सोलर माइक्रोग्रिड की बिजली बिजली चूंकि पारंपरिक ग्रिड में भी जाएगी, इसलिए इससे डिस्कॉम के सब-स्टेशनों व ट्रांसफाॅर्मरों पर दबाव कम होगा. अगर डिस्कॉम के नेटवर्क पर दबाव कम होगा, तो इससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और बढ़ेगी. यदि बड़े पैमाने पर सोलर माइक्रोग्रिड बनाए जाएं, तो इससे पारंपरिक पावर प्लांटों पर से डिस्कॉम्स की निर्भरता भी कम होगी.

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