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बुलंदशहर के इंस्पेक्टर को गोली किसने मारी, निजी पिस्टल कहां गई
Bulandshahr News in Hindi

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: December 5, 2018, 6:03 PM IST

पीएम रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस यह बताने को तैयार नहीं कि दोनों को जो गोलियां लगी थीं वो किसकी लगी हैं.

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  • Last Updated: December 5, 2018, 6:03 PM IST
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मंगलवार को बुलंदशहर के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित का अंतिम संस्कार कर दिया गया. बुलंदशहर में इंस्पेक्टर का और मेरठ में सुमित का पोस्टमॉर्टम हुआ था. पुलिस ने यह तो बताया है कि दोनों को .32 बोर की गोलियां लगीं.

पर पुलिस यह बताने में नाकाम है कि ये गोलियां किसकी थीं. दूसरे इंस्पेक्टर की निजी पिस्टल भी गायब बताई जा रही है. हालांकि अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं. रिटायर्ड डीआईजी महेश मिश्रा के मुताबिक़, “पुलिस छोटे हथियारों में खासतौर से 9 एमएम पिस्टल, .38 बोर इस्तेमाल करती है. बड़े हथियार में आजकल इंसास रायफल में 7.62 इस्तेमाल होता है.
वारदात के कुछ घंटे बाद ही यह चर्चा आम थी कि इंस्पेक्टर को लगी गोली .32 बोर की थी. इसकी पुष्टि प्रदेश के एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर आनन्द प्रकाश ने मंगलवार को कर दी. उनका कहना है, “इंस्पेक्टर की निजी पिस्टल की तलाश की जा रही है. दोनों मृतकों को एक ही बोर .32 की गोली लगी है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.”
पूर्व पुलिस अधिकारी महेश मिश्रा कहते हैं, ‘‘.32 बोर एक सार्वजनिक बोर है और लाइसेंस लेने के बाद कोई भी शख्स कानपुर या कोलकात्ता की ऑर्डिनेंस फैक्टी से .32 बोर की पिस्टल खरीद सकता है. हालांकि .32 बोर का ही अवैध हथियारों में भी इस्तेमाल होता है. दूसरी बात ये है कि डयूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी लाइसेंस वाली पिस्टल रख तो सकता है लेकिन चला नहीं सकता.”



पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद डीएम अनुज कुमार झा ने पुष्टि की थी कि इंस्पेक्टर की मौत गोली लगने से हुई. डीएम और एसएसपी केबी सिंह ने भी यह नहीं बताया है कि दोनों को लगी गोली किसने चलाई.
बुलंदशहर वारदात को 48 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं. जांच हो रही है कि दोनों को लगी गोली एक ही हथियार से चली थी या अलग-अलग से.
चिंगरावठी (बुलंदशहर) गांव में एसपी सिटी प्रवीण कुमार से इस संवाददाता ने इस बाबत पूछा तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. साथ ही इंस्पेक्टर की निजी पिस्टल गायब होने के बारे में इतना ही कहा कि जल्द ही मिल जाएगी. गौरतलब रहे कि घटना वाले दिन से इंस्पेक्टर सुबोध की पिस्टल गायब है.

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सूत्रों का कहना है कि इंस्पेक्टर सुबोध के पास एक निजी पिस्टल भी थी. इससे पहले भी वह दो-तीन बार ऐसे झगड़ों में फंस चुके थे. अखलाक वाले बिसाहड़ा कांड में भी उन्हें चोट लगी थी. भीड़ ने उन्हें घेर लिया था. मथुरा में एक एनकाउंटर के दौरान उन्हें बाजू में गोली लगी थी. मथुरा में ही एक अन्य घटना में वह घायल हुए थे.

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सूत्र कहते हैं कि सुबोध को शायद अपनी जान का ख़तरा रहता था, इसलिए वह निजी पिस्टल रखते थे. हालांकि इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं कि वह पिस्टल लाइसेंसी थी या नहीं.

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First published: December 5, 2018, 4:27 PM IST
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