दिल्ली: वाहनों में HSRP और फ्यूल स्टिकर प्लेट्स लगवाने की समयसीमा बढ़ाने की मांग

दिल्ली में वाहनों में HSRP और कलर कोडेड फ्यूल स्टिकर प्लेट लगवाने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है.(सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली में वाहनों में HSRP और कलर कोडेड फ्यूल स्टिकर प्लेट लगवाने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है.(सांकेतिक तस्वीर)

व्यापारी संगठन कैट (CAIT) ने दिल्ली के उप राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर वाहनों (Vehicles) में हाई सिक्योरिटी रेजिस्ट्रेशन प्लेट्स और कलर कोडेड स्टिकर लगवाने के लिए समयसीमा 31 दिसंबर तक करने की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 7:24 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) को लिखे चिट्ठी में व्यापारी संगठन कैट (CAIT) ने मांग की है कि वाहनों (Vehicles) में लगाए जा रहे हाई सिक्योरिटी रेजिस्ट्रेशन प्लेट्स और कलर कोडित ईंधन स्टिकर्स की अंतिम तारीख बढ़ाया जाना चाहिए. कैट ने तर्क देते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में वाहनों का पंजीकरण हुआ है. लिहाजा वाहनों में स्टिकर लगाने की अंतिम तारीख को मौजूदा 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर किया जाना चाहिए.

इसलिए बढ़नी चाहिए समयसीमा 

दिल्ली उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को लिखे चिट्ठी में इस कदम की प्रशंसा की गई है. 31 मार्च 2018 तक के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 109.86 लाख वाहन पंजीकृत हैं. इसमें से 32,46,637 कार और जीप, 1,13,074 ऑटो रिक्शा और 70,78,428 स्कूटर, मोटरसाइकिल सहित दुपहिया वाहन शामिल हैं. यहीं नहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सिर्फ 236 व्हीकल डीलर्स को ही एचएसआरबी स्टिकर लगाने के लिए अधिकृत किया गया है. वाहनों में स्टिकर लगाने में महज 4 दिन ही बचे हैं. ऐसे में सभी वाहनों में स्टिकर लग पाना करीब करीब असंभव है. अगर ये 236 ऑथोराइज़्ड सेन्टर 24 घंटे भी काम करे तब भी सभी वाहनों में स्टिकर नहीं लग पायेगा. कोरोना को देखते हुए सामाजिक पालन भी जरूरी है. लेकिन स्टिकर लगवाने की अंतिम तारीख में महज 4 दिन बचे रहने की वजह से इन सेन्टरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हैं.



अंतिम तारीख 31 दिसंबर करने की मांग 
इन तथ्यों के आधार पर दिल्ली सरकार को स्टिकर लगाने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर किया जाना चाहिए. कैट ने कहा न सिर्फ अंतिम तारीख को आगे बढ़ाना चाहिए बल्कि ऑथोराइज़्ड सेन्टर की संख्या भी बढ़ायी जानी चाहिए. कैट ने मांग की है कि ऑथोराइज़्ड सेंटरों में किसी तरह की ओवर चार्ज नहीं वसूला जाना चाहिए. कैट ने दिल्ली सरकार से ये भी मांग की कि जो वाहन दिल्ली से बाहर के राज्यों में पंजीकृत हुए है. और दिल्ली में चल रही है उसके लिए क्या प्रावधान है. बड़ी संख्या में इस तरह के वाहन दिल्ली निवासियों ने रखे हैं. और सड़कों पर चलाई जा रही है. इन्हें किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए दिल्ली सरकार को स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए.
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