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कैट ने दिल्ली में दुकानें खोलने के फैसले का किया स्वागत, ऑड-इवेन फॉर्मूले पर उठाए सवाल

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) से फैसले पर पुनर्विचार की अपील की.

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा ऑड-इवेन लागू करने का निर्णय बेतुका है और दिल्ली के व्यापारिक चरित्र से मेल नहीं खाता है.

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नई दिल्ली. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली सरकार के 7 जून से दिल्ली में दुकानें और बाजार खोलने की अनुमति देने के फैसले का स्वागत किया है. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी अपनी दुकानें खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि लगभग 40 दिनों तक चली पूर्ण तालाबंदी के दौरान उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. खंडेलवाल ने इसके साथ ही कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा ऑड-इवेन लागू करने का निर्णय बेतुका है और दिल्ली के व्यापारिक चरित्र से मेल नहीं खाता है.

पिछले साल कामयाब नहीं हुआ था यह फैसला

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और कैट के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी ऑड-इवेन फॉर्मूले के खिलाफ थे. अपनी राय से दिल्ली सरकार को अवगत करा दिया गया था, किन्तु आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उसी ऑड-इवेन के आधार पर दिल्ली में दुकानें और बाजार खोलने का आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि पिछले साल लॉकडाउन हटाने के बाद दिल्ली में ऑड-इवेन के आधार पर ही दुकानें खोली गई थीं और दिल्ली के व्यापारिक चरित्र को देखते हुए इसकी उपयोगिता न के बराबर थी. यह फॉर्मूला विशेष रूप से उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनेगा, क्योंकि उन्हें यह मालूम ही नहीं रहेगा कि जिस दुकान से वे सामान खरीदने जा रहे हैं, वह बंद है या खुली. वहीं, दूसरी ओर उपभोक्ता सामान्यत: अनेक प्रकार की वस्तुओं की खरीदी करने बाजार जाते हैं और ऑड इवेन-फार्मूले के चलते यह सम्भावना बहुत है कि एक वस्तु की दुकान इस फार्मूला के तहत खुली हो, जबकि दूसरी वस्तु की दुकान बंद. यहां सवाल उठना लाजिमी है कि क्या उपभोक्ता दो बार बाजार जाएगा.

ऑड-इवेन से बेहतर होता टाइमिंग अलग करना

कैट के दिल्ली प्रदेश महामंत्री देवराज बवेजा औ आशीष ग्रोवर ने कहा कि ऑड-इवेन फॉर्मूला दिल्ली के व्यावसायिक चरित्र के अनुकूल नहीं है, क्योंकि देश का सबसे बड़ा वितरण केंद्र होने के नाते दिल्ली का एक अलग व्यवसाय ढांचा है. यहां एक व्यापारी दूसरे व्यापारी पर माल की खरीद के लिए निर्भर है और अधिकांश मामलों में ऑड-इवेन फॉर्मूले के कारण दुकानें अलग-अलग दिन खुलेंगी, जिसके कारण सामान की आपूर्ति पर भी फर्क पड़ेगा. बेहतर होता यदि दिल्ली सरकार विभिन्न बाजारों को अलग-अलग समय पर खोलने की योजना बनाती.

खंडेलवाल ने सीएम से फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया

खंडेलवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है और ऑड-इवेन फॉर्मूला के बजाय विभिन्न बाजारों को अलग अलग समय पर खोलने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को ऑड-इवेन फॉर्मूले पर निर्णय लेने से पहले व्यापारी संगठनों से परामर्श करना चाहिए था. यह बहुत दुखद है कि रायशुमारी के चैंपियन केजरीवाल ने दिल्ली के किसी भी व्यापारिक संगठन से कोई परामर्श नहीं किया है, जो दिल्ली के व्यापार और व्यापारियों के प्रति उनके नजरिये को दर्शाता है.
Published by:Anurag Anveshi
First published: