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Delhi-NCR Car Theft: 75 कारें काटकर बेच दी, तब पकड़ में आए कार चुराने वाले 'उस्ताद'

Delhi-NCR Car Theft: 75 कारें काटकर बेच दी, तब पकड़ में आए कार चुराने वाले 'उस्ताद'

Delhi-NCR News: पुलिस के मुताबिक सिर्फ ग्रेटर नोएडा से ही गैंग अब तक 75 से ज्यादा कार चोरी कर चुका है.

Delhi-NCR News: पुलिस के मुताबिक सिर्फ ग्रेटर नोएडा से ही गैंग अब तक 75 से ज्यादा कार चोरी कर चुका है.

Delhi-NCR Car Thief Gang: अभी तक दिल्ली-एनसीआर से चोरी कार मेरठ के सोतीगंज बाजार पहुंचती थी. लेकिन दिल्ली से मेरठ तक कार ले जाने में खासा रिस्क रहता है. पुलिस की चेकिंग भी मिलती है. शायद इसी के चलते वाहन चोर गैंग ने अब दिल्ली-एनसीआर के आसपास ही चोरी के वाहनों को काटने का ठिकाना बना लिया है. बीते कुछ वक्त पहले गाजियाबाद और हापुड़ में भी इसी तरह के गैंग का पता चला था.

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नोएडा. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में कार चोरी का एक नया तरीका सामने आया है. तरीका इतना खास है कि चोरी की कार पुलिस के सामने से जा रही होती है और पुलिस टोकती तक नहीं है. ग्रेटर नोएडा पुलिस (Greater Noida Police) ने एक ऐसे ही कार चोर गैंग (Car thief gang) का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक सिर्फ ग्रेटर नोएडा से ही गैंग अब तक 75 से ज्यादा कार चोरी कर चुका है. गैंग के निशाने पर ज्यादातर सेंट्रो और होंडा सिटी कार रहती है. अगर कार सीएनजी किट (CNG Kit) वाली है तो उसके और ज्यादा पैसे मिल जाते हैं. गैंग चोरी की कार को काट कर दिल्ली-एनसीआर में उसके पार्ट्स बेचता है.

ग्रेटर नोएडा थाना बीटा-2 पुलिस टीम ने कार चोर गैंग का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना दुष्यंत चौहान अपने दो अन्य साथी आस मोहम्मद और संजय फरार के साथ फरार है. 4 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने बताया कि पहले गैंग के लोग खासतौर पर होंडा सिटी और सेंट्रो कार चोरी करते थे.

उसके बाद चोरी की कार को नोएडा के सेक्टर-122 में एक गैराज में खड़ी कर देते थे. कार गैराज में आते ही गैराज में रहने वाला आस मोहम्मद दिल्ली निवासी हरदीप ओबरॉय को फोन कर देता था. सूचना मिलते ही हरदीप दिल्ली निवासी अपने एक और साथी संजय को भी इसकी जानकारी दे देता था. जिसके बाद दोनों मिलकर चोरी की कार की एक फर्जी आरसी तैयार करते थे.

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कार की RC बदलकर फर्जीवाड़ा

आरसी में कार को 15 साल पुरानी होना दिखाया जाता था. नंबर प्लेट भी एक नए नंबर के साथ बदल दी जाती थी. तीन से चार दिन में इतना सब होने के बाद हरदीप दिल्ली से ही अपने एक कर्मचारी लाल बहादुर को कार की आरसी, नंबर पलेट लेकर रिकवरी वैन के साथ नोएडा भेज देता था. लाल बहादुर कार को रिकवरी वैन से हुक कर दिल्ली में नजफगढ़ स्थित एक गोदाम पर पहुंचा देता था. यहां पर कार के सभी पार्ट्स अलग-अलग कार उन्हें दिल्ली के बाजारों में बेच दिया जाता था.

चोरी के दौरान CNG किट पर रहती थी नजर

पुलिस ने बताया कि कार चोरी के दौरान गैंग कार में लगी सीएनजी किट पर भी नजर रखता था. अगर होंडा सिटी और सेंट्रो कार में सीएनजी किट लगी है तो गैंग के मजे आ जाते थे. क्योंकि बिना सीएनजी किट लगी कार 25 हजार रुपये में जाती थी. जबकि सीएनजी किट और सिलेंडर के पैसे अलग से मिलते थे. गैंग से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ग्रेटर नोएडा के बीटा-2, सूरजपुर, बिसरख, सेक्टर 49,सेक्टर 58, दादरी आदि से ही अभी तक 75 से ज्यादा वाहन चोरी कर चुके हैं.

Tags: Delhi-ncr, Gang of thieves, Greater noida news, Meerut crime

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