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दिल्ली-एनसीआर के कार चोर बैंग्लोर में कर रहे चोरी का यह क्रेश कोर्स

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Updated: August 20, 2019, 12:57 PM IST
दिल्ली-एनसीआर के कार चोर बैंग्लोर में कर रहे चोरी का यह क्रेश कोर्स
प्रतीकात्मक फोटो- अब कार चोरी में पुराना तरीका मास्टर-की का इस्तेमाल नहीं होता है.

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के कार चोर हाईटेक हो गए हैं. कार चोरी के दौरान अपने साथ लैपटॉप (laptop) लेकर चलते हैं. कार के डोर को मास्टर-की (चाबी) से खोलने के बजाए कार (Car) के सिक्योरिटी सिस्टम को हैक करते हैं.

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  • Last Updated: August 20, 2019, 12:57 PM IST
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दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के कार चोर हाईटेक हो गए हैं. कार चोरी के दौरान अपने साथ लैपटॉप (laptop) लेकर चलते हैं. कार के डोर को मास्टर-की (चाबी) से खोलने के बजाए कार (Car) के सिक्योरिटी सिस्टम को हैक करते हैं. समय-समय पर अपडेट होने वाले सिक्योरिटी सिस्टम के चलते खुद को भी अपडेट रखने के लिए क्रेश कोर्स करने बैंग्लोर (bangalore) जाते हैं. बेशक आपको यह पढ़ने में अटपटा लग रहा होगा, लेकिन यह हकीकत है. बीते कुछ समय में दिल्ली-एनसीआर में पकडे गए कार चोरों से हुई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है.

मास्टर-की (चाबी) नहीं अब लैपटॉप से होती है कार चोरी

पुलिस की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में पकड़े जाने वाले कार चोरों के पास से अब कोई मास्टर-की बरामद नहीं होती है. दो-चार प्रतिशत चोर ही ऐसे पकड़े जाते हैं जिनके पास से मास्टर-की बरामद होती है. ऑटो एक्सपर्ट का कहना है कि आजकल 10 लाख रुपये से अधिक की कीमत वाली कार में डोर और इंजन एक सॉफ्टवेयर की मदद से लॉक और अनलॉक होते हैं, जिसके लिए चाबी का कोई काम नहीं है.

बैंग्लोर में कराते हैं क्रेश कोर्स और देते हैं यह डिवाइस

दिल्ली-एनसीआर में बीते कुछ समय में कई कार चोर गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है. जब चोरों से पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि महंगी कारों में कंप्यूटर वाले लॉक आने लगे हैं. जिसके लिए अब चाबी की जरूरत नहीं होती है. इसीलिए लैपटॉप की मदद से लॉक खोलने वाले लोगों की जरूरत होती है. अब जो कुछ पढ़े-लिखे चोर हैं वो बैंग्लोर जाकर यह सीख कर आ रहे हैं. एक बार सिखाने के 25 हजार रुपये तक लिए जाते हैं. साथ ही उन्हें 35 से 40 हजार रुपये की कीमत वाली एक डिवाइस भी दी जाती है. जो खुद नहीं जा सकते वो सीखकर आने वालों की मदद लेते हैं और एक कार चोरी पर उन्हें 5 से 7 हजार रुपये तक देते हैं.

ऐसे कार और उसके इंजन को अनलॉक करते हैं चोर

ऑटो एक्सपर्ट बताते हैं कि आजकल की कार में सिर्फ डोर ही लॉक नहीं होता है. कार का इंजन भी लॉक हो जाता है. अगर किसी तरह चोर डोर को अनलॉक कर भी लेते हैं तो इंजन अनलॉक किए बिना किसी भी शार्टकट तरीके से स्टार्ट नहीं होगा. इसके लिए चोर पहला तरीका तो यह अपनाते हैं कि कार के आईपी एड्रेस को हैक कर सिक्योरिटी सिस्टम को सपोर्ट करने वाले सॉफ्टवेयर में पहुंच जाते हैं.वहीं दूसरा तरीका यह है कि कार चोरों के पास ऑनस्टार नाम की एक डिवाइस होती है. यह उन्हें बैंग्लोर में मिल रही है. चोर आपकी कार से थोड़ी ही दूरी पर इस डिवाइस को लेकर बैठ जाता है. और फिर जब आप रिमोट-की (चाबी) से आप कार को लॉक या अनलॉक करते हैं तो वो डिवाइस रिमोट-की से निकली बेव को पकड़ लेती है और उसके कोडिंग सिस्टम को पढ़ लेती है. फिर जानकार लोग उस कोडिंग को ब्रेक कर इंजन को स्टार्ट कर लेते हैं.

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First published: August 20, 2019, 12:57 PM IST
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