ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत पर लगाम लगाने के लिए फॉर्मूला बनाए केंद्र सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट

कोरोना के हालातों पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई: ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की MRP तय करने को कहा.

कोरोना के हालातों पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई: ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की MRP तय करने को कहा.

हाई कोर्ट ने कहा कि कोई फॉर्मूला लेकर आइए, जिससे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत पर लगाम लगाई जा सके. जैसे अगर चीन से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आता है तो उसकी कीमत मान लीजिए 50 रुपये है और जर्मन वाला 100 रुपये में है. दोनों तो एक ही कीमत पर हमारे बाजार में बिक नहीं सकता.

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नई दिल्ली. कोविड के हालात पर दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) में सोमवार को एक बार फिर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ( Oxygen Concentrator) की कीमतों पर हाई कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि वो एमआरपी तय करें, ताकि हर जरूरतमंद ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीद पाए. यहां तो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत हर जगह अलग-अलग है और कीमत काफी है. ये दिक्कतें इसलिए हैं, क्योंकि एमआरपी तय नहीं है.

इसी मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने हाईकोर्ट से कहा कि वो इस बारे में 18 मई को कोर्ट को अवगत कराएंगे. इसके अलावा हाईकोर्ट से केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि इस समय हर देश में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की किल्लत है. इस वजह से एक्सपोर्टर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत तय करते हैं. ज्यादातर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बाहर से आते हैं और अगर इन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के कीमतों को तय कर दिया जाए तो हो सकता है विदेशी कंपनियां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हमें दें ही नहीं.

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कोई फॉर्मूला लेकर आइए, जिससे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत पर लगाम लगाई जा सके. जैसे अगर चीन से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आता है तो उसकी कीमत मान लीजिए 50 रुपये है और जर्मन वाला 100 रुपये में है. दोनों तो एक ही कीमत पर हमारे बाजार में बिक नहीं सकता. कोई फॉर्मूला लेकर आइए, जिससे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हर कोई खरीद पाए. 18 मई को फिर इस मामले पर सुनवाई होगी.

कीमत तय करना एक्सपोर्टर पर निर्भर
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की कीमत तय करने को कहा है. हाईकोर्ट ने कहा कि कीमत ऐसी रहे जिससे लोग खरीद सकें इसलिए इस पर एमआरपी तय होना चाहिए. सरकार के तरफ से कहा गया कि कल वो कोर्ट को इस मामले में अवगत कराएंगे. साथ ही कोर्ट के सामने चिंता जाहिर की ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की काफी कमी है. लिहाजा, इसकी कीमत तय करना एक्सपोर्टर पर निर्भर करता है. अगर एमआरपी तय कर दी जाती है तो शायद वो ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर सप्पलाई ही न करे. हाईकोर्ट ने कहा कि कोई फार्मूला तैयार करिए, जिससे ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर इतनी ज्यादा कीमत पर न बिके.

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