Oxygen Crisis in Delhi: केंद्र ने दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर किया 590 मीट्रिक टन


केंद्र सरकार ने बढ़ाया दिल्‍ली का दैनिक ऑक्‍सीजन कोटा.

केंद्र सरकार ने बढ़ाया दिल्‍ली का दैनिक ऑक्‍सीजन कोटा.

Oxygen crisis in Delhi:कोरोना वायरस की वजह से दिल्‍ली में ऑक्‍सीजन को लेकर कोहराम मचा हुआ है. इस बीच केंद्र सरकार ने दिल्‍ली का दैनिक ऑक्‍सीजन कोटा बढ़ाकर 590 मिट्रिक टन कर दिया है.

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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी (Oxygen crisis in Delhi) के बीच केंद्र (Central Government) ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी का दैनिक ऑक्सीजन कोटा 490 मिट्रिक टन से बढ़ाकर 590 मिट्रिक टन कर दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, दिल्ली को ओडिशा के कलिंग नगर से अतिरिक्त 75 मिट्रिक टन और ओडिशा के झारसुगुडा की जेएसडब्ल्यू बीपीएसएल से 25 मिट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन (Medical Oxygen) की आपूर्ति की जायेगी.

मंत्रालय के अनुसार, नए आवंटन के साथ ही अब दिल्ली को प्रतिदिन 590 मिट्रिक टन ऑक्सीजन मिलेगी. हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते दिल्ली सरकार केंद्र से 976 मिट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की मांग कर रही है.

दिल्‍ली के सीएम ने कही ये बात

इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली को प्रतिदिन 976 मिट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता है. इस बीच दिल्ली सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली इकाइयों की 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों और अस्पतालों को इस जीवनरक्षक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया था ये आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को ऑक्‍सीजन के मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र को सख्त आदेश देते हुए कहा कि वह आज हर हाल में दिल्ली को 490MT ऑक्सीजन उपलब्ध कराए नहीं तो अदालत अवमानना की कार्रवाई कर सकती है. अगर ये काम पूरा नहीं होता है तो DPIIT के सचिव को अगली सुनवाई में अदालत के सामने हाजिर होना पड़ेगा. बता दें कि दिल्ली के बत्र अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण एक डॉक्टर समेत 12 मरीजों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

हमारे अधिकारी नर्वस ब्रेकडाउन के कगार पर: दिल्ली सरकार



इस पूरे मुद्दे पर दिल्ली सरकार ने कोर्ट से कहा है कि दिल्ली के ऑक्सीजन टैंकरों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है. दिल्ली को हर रोज संघर्ष करना पड़ रहा है. इसे जानने के लिए हमें स्क्रीन के पीछे क्या चल रहा है उसकी तह तक जाना होगा. हमारे अधिकारी हर रोज नर्वस ब्रेकडाउन की कगार पर हैं. इस बीच, अधिवक्ता विराट गुप्ता ने अपनी अपील में कहा है कि वे जानते हैं कि 12 राजनीतिक पार्टियां ऑक्सीजन की ब्लैक मार्केटिंग में लगी हुई हैं.
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