आप का आरोप - नेशनल एयर क्वॉलिटी कमीशन को खत्म कर दिया केंद्र सरकार ने

आतिशी मार्लेना ने कहा कि कमीशन को खत्म किए जाने के मुद्दे पर आप कोर्ट जाएगी.

आप प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि नेशनल एयर क्वॉलिटी कमीशन पर केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आई थी. 6 हफ्ते गुजर गए पर सदन में बिल नहीं लाया गया. लिहाजा यह लैप्स हो गया.

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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने केंद्र सरकार (Central Government) पर प्रदूषण रोकने के लिए बनाए गए नेशनल एयर क्वॉलिटी कमीशन (National Air Quality Commission) को खत्म करने का आरोप लगाया. आप प्रवक्ता आतिशी मार्लेना (Atishi Marlena) ने कहा कि नेशनल एयर क्वॉलिटी कमीशन पर केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आई थी. नियम के मुताबिक छह हफ्ते के भीतर इस पर संसद में कानून बनाया जाना था, लेकिन 6 हफ्ते गुजर गए और इस कमीशन को कानून बनाने के लिए सदन में बिल नहीं लाया गया. लिहाजा इस अध्यादेश का समय बीत गया और ये लैप्स हो गया. आतिशी ने कहा कि पार्टी इस मामले पर कोर्ट का रुख करेगी.

हमने तो प्रदूषण घटाया, केंद्र सरकार क्या कर रही?

आप प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि 'दिल्ली के प्रदूषण के दो स्रोत हैं - दिल्ली का अपना प्रदूषण और बाहर से आने वाला प्रदूषण. इसमें दिल्ली का अपना प्रदूषण 60 फीसदी है. दिल्ली सरकार के प्रयासों से 25 फीसदी प्रदूषण कम हुआ. ईवी पॉलिसी लेकर आए हैं, थर्मल पावर प्लांट बंद किया, पराली का डिकम्पोजर समाधान निकाला. इसके अलावा ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए काम किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार बाहर से आने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाती है.'



कमीशन को ऑफिस तक अलॉट नहीं

आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बार-बार केंद्र को लिखा कि इसपर सख्त कार्रवाई हो. आदित्य दुबे नाम के आदमी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. इसपर केंद्र सरकार ने ऑर्डिनेंस के माध्यम से 28 अक्टूबर 2020 को नेशनल एयर क्वॉलिटी कमीशन का गठन किया. इसके तहत प्रदूषण फैलाने के दोषियों को 5 साल तक के लिए जेल भेजने तक का अधिकार मिला, लेकिन इसे गम्भीरता से नहीं लिया गया. हमने जब कमीशन से मिलने की कोशिश की तो पता चला कि कमीशन को ऑफिस तक अलॉट नहीं हुआ है. नियम के अनुसार ऑर्डिनेंस आने के 6 महीने के भीतर संसद में उसका बिल रखना होता है, लेकिन बजट सत्र में यह बिल संसद में पेश नहीं हुआ और वो बिल लैप्स हो गया.'

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