केंद्र से दिल्‍ली सरकार को मिलेंगे 750 ICU बेड, केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह को कहा 'थैंक्‍यू'

सभी एजेंसी और सभी सरकारें मिलकर काम करें: अरविंद केजरीवाल
सभी एजेंसी और सभी सरकारें मिलकर काम करें: अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) की लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने अहम बैठक बुलाई. इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan), दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) मौजूद रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 12:33 AM IST
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नई दिल्ली. देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) लगातार पैर पसार रहा है. जबकि कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने कोविड-19 स्थिति की समीक्षा बैठक की, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan), दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) मौजूद थे. बैठक के बाद दिल्‍ली के सीएम ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए आज गृह मंत्रालय में बैठक हुई. इस स्थिति में जरूरी है कि सभी एजेंसी और सभी सरकारें मिलकर काम करें. मैं केंद्र सरकार और गृह मंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने ये बैठक बुलाई.

दिल्‍ली को मिलेंगे 750 आईसीयू बेड
वहीं, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस समय सबसे ज्यादा परेशानी आईसीयू (ICU) बेड को लेकर हो रही है. कोविड बेड अभी ठीक संख्या में हैं, लेकिन आईसीयू बेड की काफी जरूरत है. केंद्र सरकार ने आज आश्वासन दिया है कि अगले 2 दिनों में डीआरडीओ (DRDO) सेंटर में 500 बेड उपलब्ध करा दिए जाएंगे और अगले कुछ दिनों में 250 और बेड दिए जाएंगे. अभी तक दिल्ली में 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे थे, अब प्रतिदिन एक लाख से 1.25 लाख टेस्ट प्रतिदिन होंगे.





अमित शाह ने कही ये बात
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्‍ली के अंदर कोविड के बढ़ते मामलों और यहां मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा के लिए आज उच्च स्तरीय बैठक की. मई 2020 में मोदी सरकार ने दिल्ली को कोरोना से बचाने के लिए दिल्ली सरकार के साथ विभिन्न कदम उठाये थे जिनके सकारात्मक नतीजे सभी को देखने को मिले थे. गंभीर कोरोना मामलों में प्‍लाज्‍मा डोनेशन और प्रभावित व्यक्तियों को प्‍लाज्‍मा प्रदान किए जाने के लिए प्रोटोकॉल तैयार करने के निर्देश दिए हैं. डॉ. वी के पॉल, निदेशक एम्‍स और महानिदेशक ICMR के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति इसपर जल्द ही रिपोर्ट देगी. इसके अलावा दिल्‍ली में RT-PCR टेस्ट में दो-गुना वृद्धि की जाएगी. दिल्‍ली में लैबों की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करके, जहां कोविड होने का खतरा ज़्यादा है, वहां स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय तथा ICMR की मोबाइल टेस्टिंग वैनों को तैनात किया जाएगा.

वहीं, अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में अस्पतालों की क्षमता तथा अन्‍य मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उपलब्‍धता में वृद्धि की जानी चाहिए. इसी दिशा में मई में बनाए गये धौला कुआं स्थित DRDO के कोविड अस्पताल में 250 से 300 ICU बेड और शामिल किए जाएंगे, जिसे गम्भीर कोविड रोगियों का वहाँ इलाज किया जा सके. जबकि ऑक्‍सीजन की सुविधा वाले बेडों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्‍य से छतरपुर के 10,000 बेड वाले कोविड सेंटर को और सशक्त किया जाएगा.  MCD के कुछ चिन्हित अस्‍पतालों को हल्‍के-फुल्‍के लक्षण वाले कोविड रोगियों के उपचार के लिए डेडिकेटेड अस्‍पतालों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा.

आपको बता दें कि दिल्ली में कोविड-19 के 3,235 नये मामले सामने आये जिससे रविवार को यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4.85 लाख से अधिक हो गई है. जबकि 95 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 7,614 हो गई. अधिकारी ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के साथ विशेष रूप से त्योहारी मौसम और घटते तापमान को देखते हुए रविवार की बैठक दिल्ली में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक रणनीति तैयार करने के विषय पर चर्चा के लिए आहूत की गई थी. इससे पहले दो नवंबर को केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला द्वारा बुलाई गई एक बैठक में त्योहारों और लोगों की अधिक आवाजाही के साथ-साथ लोगों द्वारा कोविड-19 मानदंडों का पालन नहीं किए जाने को दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में उछाल के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. हालांकि अरविंद केजरीवाल ने पिछले हफ्ते मामलों में उछाल के लिए प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराया था. भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक कहा गया था कि गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जांच, संक्रमितों का पता लगाने और उपचार के लिए वृहद प्रयास किए जाएंगे.

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया था कि मेट्रो की यात्रा को मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार सावधानीपूर्वक विनियमित किया जाना चाहिए. दिल्ली में कोविड-19 के मामलों और उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए प्रशासन जांच, संक्रमितों के संपर्क में आये व्यक्तियों का पता लगाने और उपचार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार रविवार को दिल्ली में कोविड-19 के नये मामले एक दिन पहले किये गए 21,098 जांच से सामने आये. दिल्ली में संक्रमण दर बढ़कर 15.33 प्रतिशत हो गई. राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 8,593 नये मामले सामने आये थे, तो गुरुवार को 104 व्यक्तियों की मौत हुई थी, जो कि पांच महीनों में एक दिन में सबसे अधिक है. शनिवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 44,456 हो गई, जबकि ठीक होने की दर 89 प्रतिशत से अधिक रही है.
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