Ghaziabad news–अनजान व्‍यक्ति अस्‍पताल में कोरोना मरीज को बेड दिलाने का करे वादा, तो रहें सतर्क, ऐसे ठग गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्त में दो अभियुक्‍त

पुलिस की गिरफ्त में दो अभियुक्‍त

गाजियाबाद में कोरोना मरीजों को अस्‍पतालों में बेड दिलाने के नाम पर ठगा जा रहा था. पुलिस ने ऐसे ही गैंग का खुलासा किया है.

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गाजियाबाद. अगर कोई अपरचित किसी अस्‍पताल में आपके मरीज को बेड दिलाने का वादा कर रहा है तो सतर्क रहें. ऐसे लोगों के झांसे में आकर आप ठगी का शिकार भी हो सकते हैं. गाजियाबाद पुलिस ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले ऐसे ही एक गैंग को पकड़ा है, जो अब तक 19 लोगों को ठग कर लाखों रुपए हड़प चुके हैं. पुलिस ने दो अभियुक्तों गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 195000 रुपये नकद बरामद किए  हैं.

गाजियाबाद के एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद की स्वाट टीम और शहर कोतवाली पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस ने इस गैंग के दो अभियुक्‍तों मयंक और  प्रदीप गौड़ को गिरफ्तार किया है, दोनों गाजियाबाद के रहने वाले हैं. एसपी  सिटी ने बताया कि  इस गैंग में पांच लोग शामिल हैं, जिसके तीन अन्य साथी यश मेहता, गौतम वार्ष्णेय और सतीश फरार हैं और इस गैंग सरगना मयंक गैंग है. अभियुक्‍तों  ने बताया कि जिन कोरोना  मरीजों  को बेड नहीं मिल पाता  था, उन्‍हें  टारगेट करते  थे. इसके लिए अस्पतालों के बाहर खड़े होकर भर्ती कराने आए लोगों को मदद करने भरोसा  देते  थे.

पीडि़त परिजनों से ये लोग अपने साथी मयंक और यश मेहता से बात कराते  थे, जो अलग-अलग अस्‍पतालों के डॉक्टर बनकर अस्पताल में आईसीयू बेड, वेंटीलेटर या अन्य सुविधा देने का विश्वास दिलाते  थे.  परिवार से मरीज का आधार कार्ड, आरटी पीसीआर रिपोर्ट, ऑक्सीजन लेवल व अन्य रिपोर्ट मोबाइल नंबर 9891844920 पर व्हाट्सएप मंगा लेते थे. इससे   कोरोना   मरीज  के परिजनों  को भरोसा   हो  जाता था. इसके बाद अस्पताल का अकाउंट नंबर बताकर रुपए ट्रांसफर करवा लेते थे.  एसपी सिटी ने बताया कि गौतम वार्ष्णेय पैसे मंगाए जाने के लिए अपना खाता संख्या उपलब्ध कराता था. खाता उपलब्ध कराए जाने के बदले ने ठगी कराए जाने की राशि का करीब 30 फीसदी लेता  था, बाकी ठगी गई राशि में यह चारों लोग आपस में बांट लेते थे.

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