नाम के लिए दहशत फैलाने में ज़्यादा यकीन रखते हैं दिल्ली हिंसा के आरोपी नासिर-छेनू गैंग

दिल्ली हिंसा के मद्देनजर पुलिस बलों का फ्लैग मार्च (फाइल फोटो.)

दिल्ली हिंसा के मद्देनजर पुलिस बलों का फ्लैग मार्च (फाइल फोटो.)

गौरतलब हे कि दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के पीछे इन्हीं दो गैंग (Gang) के नाम का ज़िक्र हो रहा है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के रिटायर्ड इंस्पेक्टर बताते हैं कि गैंग के नाम को बढ़ाने के लिए यह कुछ भी कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2020, 3:24 PM IST
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नई दिल्ली. इतनी गोलियां चलाओ की बेशक मरे कोई एक, लेकिन दहशत इतनी हो जाए कि अगर एक लाख की भीड़ खड़ी हो तो वो भी आगे बढ़ने की कोशिश न करे. कुछ इसी तरह के पैटर्न पर काम करता है अब्दुल नासिर और इरफान उर्फ छेनू पहलवान गैंग. क्योंकि दोनों का पैटर्न और मकसद एक है तो गाहे-बगाहे एक-दूसरे से टकराते भी रहते हैं. चार साल पहले नासिर गैंग (Nasir Gang) ने कोर्ट (Court) में पेशी के दौरान छेनू गैंग (Chenu Gang) पर घात लगाकर हमला किया था. ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं. इस हमले में छेनू तो साफ बच गया, लेकिन मौके पर मौजूद एक सिपाही शहीद हो गया. गौरतलब हे कि दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के पीछे इन्हीं दो गैंग के नाम का ज़िक्र हो रहा है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजकिशोर जादौन बताते हैं कि अपने-अपने गैंग के नाम को बढ़ाने के लिए यह कुछ भी कर सकते हैं.

7 साल खूब लड़े, फिर जेल में मिला लिया हाथ

अब्दुल नासिर और इरफान उर्फ छेनू पहलवान गैंग की गैंगवार दिल्ली ही नहीं दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ में भी चर्चित थी. 2015 में नासिर ने छेनू पर कड़कड़डूमा कोर्ट में हमला कराया तो छेनू ने नासिर के दो गुर्ग दिन-दहाड़े टपका दिए थे. दिल्ली पुलिस दोनों की ओए दिन की गैंगवार से परेशान हो चुकी थी. मौका मिलते ही दिल्ली पुलिस ने दोनों को पकड़ कर जेल भेज दिया. लेकिन जेल की जिंदगी से तंग आकर दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया. जल्द ही नासिर को पैरोल मिल गई. वहीं छेनू भी चार-पांच महीने बाद जेल से जमानत पर बाहर आ गया. लेकिन बाहर आते ही छेनू गैंग के इमरान का मर्डर हो गया. और इसके बाद फिर से दोनों ही लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए.

इरफान उर्फ छेनू पहलवान गैंग
सरगना-  छेनू

सदस्य-  14 लोग, 4 जेल में  बाकी बाहर.

मामले-  हत्या के 6 और 1 दर्जन केस



सबसे चर्चित कांड-  23 दिसंबर 2015 को नासिर गैंग ने छेनू पर कड़कड़डूमा कोर्ट में गोलियां चलाई थीं, छेनू बच गया था, 1 कांस्टेबल की मौत होई थी.

सबसे ताजा कांड-  दिसंबर 2017 में नासिर गैंग ने छेनू गैंग के कमर और उसके साथी इमरान की हत्या की थी.

अब्दुल नासिर गैंग

सरगना-  नासिर गैंग

सदस्य-  25 लोग, 2 शॉर्प शूटर जेल में बाकी बाहर.

मामले-  हत्या के 12 और 14 दर्जन केस

सबसे ताजा कांड-  2019 में गैंग के एक लाख के इनामी शॉप शूटर राशिद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. सबसे ताजा कांड-  18 जुलाई को नासिर ने एक सियासी पार्टी ज्वाइन कर ली. उसे यूथ विंग का प्रेसीडेंट बनाया गया.

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