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Explained: दिल्ली में छठ पूजा पर होगी राजनीति तो मिलेगा बिहार-यूपी के 30% पूर्वांचलियों का वोट?

Explained: दिल्ली में छठ पूजा पर होगी राजनीति तो मिलेगा बिहार-यूपी के 30% पूर्वांचलियों का वोट?

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस साल यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है.

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस साल यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है.

Delhi Chhath Puja 2021: देश की राजधानी में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( DDMA) ने कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है. इसके बाद से सियासत का दौर जारी है. यही नहीं, दिल्‍ली की 25 विधानसभा सीटों पर चुनावी रूख तय करने का दम रखने वाले पूर्वांचलियों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी की यमुना घाटों पर छठ पर्व मनाने की अनुमति दिलाने की कोशिश जारी है. भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सीएम अरविंद केजरीवाल, तो आप विधायक संजीव झा ने एलजी को पत्र लिखकर अनुमति देने का आग्रह किया है.

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    नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में छठ पूजा (Chhath Puja 2021) को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ है. दरअसल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐलान किया है कि हम नियमों को तोड़ते हुए पर्व मनाने के लिए नदी के आसपास के इलाकों में जाएंगे. इस बीच आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति देने का आग्रह किया है. भाजपा पहले से ही छठ पूजा की कवायद में लगी हुई थी, तो अब आम आदमी पार्टी के भी बोल बदल रहे हैं, लेकिन इसके पीछे पूर्वांचलियों का वोटबैंक असली वजह माना जा रहा है. बता दें कि छठ को लेकर पूजन 8 नवंबर से शुरू होगा और दिवाली के छठे दिन 10 नवंबर को छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा.

    छठ पूजा की कवायद को लेकर वरिष्‍ठ पत्रकार राजशेखर मिश्र ने कहा कि दिल्‍ली में छठ पूजा के जरिए भाजपा के साथ आम आदमी पार्टी पूर्वांचली वोट की जुगत में है. वैसे भी पिछले दो चुनाव में जिस तरफ पर्वांचलियों का ज्‍यादा झुकाव रहा है, उसे ही सत्‍ता मिली है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने हमेशा पर्वांचलियों का पक्ष लिया है, लेकिन अन्‍य पार्टियों में मौजूद पूर्वांचल से ताल्‍लुक रखने वाले लोग भी छठ मइया को लेकर सक्रिय हो गए हैं.

    भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने शनिवार को यमुना नदी के किनारों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि वह नियमों को तोड़ते हुए पर्व मनाने के लिए नदी के आसपास के इलाकों में जाएगी. उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि यह कदम ‘पूर्वांचलियों की धार्मिक आस्थाओं से खेलने’ जैसा है. वहीं, पश्चिमी दिल्ली से सांसद सिंह ट्वीट किया,‘छठ पूर्वांचल के भाइयों और बहनों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है और उस पर प्रतिबंध लगाना उनकी मान्यताओं के साथ खेलने जैसा है. केजरीवाल जी, मैं खुद यमुना में जाऊंगा और सुनिश्चित करूंगा कि छठ पूजा वहां हो. अगर आप मुझे रोक सकें तो रोक लीजिए.’

    भाजपा निकाल चुकी है ‘रथ यात्रा’
    यही नहीं, डीडीएमए ने 30 सितंबर को जारी एक आदेश में कोविड-19 के मद्देनजर नदी के किनारों सहित सार्वजनिक स्थानों पर छठ समारोह पर रोक लगा दी थी. भाजपा सांसद तिवारी ने आप सरकार पर दबाव बनाने के लिए ‘रथ यात्रा’ निकालकर छठ प्रतिबंध के खिलाफ भाजपा की दिल्ली इकाई के विरोध का नेतृत्व किया था. इस दौरान तिवारी समेत कई लोग घायल हुए थे. यही नहीं, 30 अक्‍टूबर को मनोज तिवारी ने दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे पूर्वांचलियों को यमुना के किनारे त्योहार मनाने से नहीं रोकने का आग्रह किया. इसके साथ उन्‍होंने दिल्‍ली सरकार पर छठ पूजा को लेकर राजनीति करने का भी आरोप लगाया.

    आप विधायक ने एलजी को लिखा पत्र
    आप विधायक संजीव झा ने उप राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि छठ पूजा से नदी प्रदूषित नहीं होगी, क्योंकि छठ में आस्था रखने वाले अनुष्ठान के लिए घाटों की सफाई करते हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर बातचीत के लिए उप राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है. विधायक का यह बयान दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा छठ पूजा का आयोजन यमुना नदी के तट को छोड़कर शहर के तय स्थलों पर करने की अनुमति देने के एक दिन बाद आया है. उप राज्यपाल को लिखे पत्र लिखा,’डीडीएमए ने कहा है कि छठ पूजा का आयोजन यमुना नदी के तटों पर नहीं किया जा सकता है. इस मुद्दे पर संभागीय आयुक्त ने उन्हें एक बैठक में बताया कि छठ पूजा का आयोजन इस साल यमुना नदी के तट पर नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा उत्सव के आसपास किया जाता है और इससे नदी में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है.’

    विधायक ने पत्र में कहा, ‘मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा में प्रतिमा का विसर्जन नदी में होता है जबकि छठ एक ऐसा त्योहार है, जो पूरी तरह से प्रकृति के सान्निध्य में किया जाता है. छठ में आस्था रखने वाले लोग अनुष्ठान से पहले घाट और नदी की सफाई करते हैं.

    साउथ एमसीडी ने किया ये काम
    दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने शहर के छठ घाटों पर विभिन्न सुविधाएं सुलभ कराने के लिए 41.60 लाख रुपये आवंटित किए हैं. एसडीएमसी महापौर मुकेश सूर्यन ने कहा कि नगर निकाय अपने क्षेत्र के छठ घाटों पर सभी आवश्यक व्यवस्था कर रहा है. उन्होंने बताया कि सभी 104 वार्डों में छठ पूजा के दौरान घाटों पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निकाय ने 41.60 लाख रुपये का बजट आवंटन किया है. इस दौरान घाटों के पास स्ट्रीट लाइट और सड़कों की सुविधा को बढ़ाने, अन्य सुविधाओं के अलावा उचित स्वच्छता और सफाई सुनिश्चित करने के लिए, एसडीएमसी के प्रत्येक वार्ड में दो घाटों के लिए 40,000 रुपये आवंटित किए गए हैं.

    महापौर ने कहा कि इस कोष से छठ घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन घाटों पर बूथ भी बनाए जाएंगे. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शुक्रवार को यमुना नदी के किनारे को छोड़कर शहर में निर्दिष्ट स्थलों पर छठ पूजा समारोह की अनुमति दी थी. उन्होंने कहा कि छठ त्योहार दिल्ली की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में विशेष महत्व रखता है. सूर्यन ने कहा, ‘लोग इस त्योहार को एक साथ मनाते हैं और आशीर्वाद लेते हैं. भक्तों की सुविधा के लिए घाटों पर सभी व्यवस्था करना हमारी जिम्मेदारी है. एसडीएमसी उत्सव को सफल बनाने के लिए कोविड मानदंडों को ध्यान में रखते हुए हरसंभव व्यवस्था कर रहा है.’

    दिल्‍ली में पूर्वांचलियों का है दम
    साल 2018 में दिल्ली नगर निगम ने छठ घाटों के लिए 5-5 लाख देने के ऐलान के बाद काफी हंगामा हुआ था. उस वक्‍त कांग्रेस ने सैलरी नहीं दे पाने वाले निगम को आड़े हाथों लिया था. बता दें कि दिल्ली की सियासत में पूर्वांचली मतदाता बेहद खास हैं, क्‍योंकि यह दिल्‍ली की 25 विधानसभा सीटों पर चुनावी रूख तय करते हैं. आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्‍या करीब 30 फीसदी है. यही नहीं, यह लोग जिस तरफ वोट करते हैं, सत्‍ता उस ओर चली जाती है. दिल्‍ली में पिछले दो चुनाव में आम आदमी पार्टी को इसका फायदा मिल रहा है.

    Tags: Anil baijal, Bihar Chhath Puja, Chhath Puja, Chhath Puja 2021, Chhath Puja in Delhi, DDMA, Delhi CM Arvind Kejriwal, Manoj Tiwari BJP, Yamuna River

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