चीन जासूसी केस: धमकाया जा रहा है केस का मुख्य गवाह, दिल्ली का है रहने वाला  

सूत्रों ने कहा, ''चीन की नई एडवांस मिसाइलों की रेंज पहले वाली की तुलना में कहीं ज्यादा है और लक्ष्य को अधिक सटीकता के साथ हिट करने में समक्ष हैं.'' भले ही ताइवान कभी भी चीनी सत्तारूढ़ पार्टी के द्वारा नियंत्रित नहीं किया गया हो, लेकिन चीन ताइवान को अपनी सीमा का हिस्सा कहता रहा है. कनाडा स्थित कानवा डिफेंस रिव्यू के अनुसार, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि फुजियान और ग्वांगडोंग के दोनों मरीन कॉर्प्स और रॉकेट फोर्स बेस का विस्तार हुआ है. (फोटो सौ. न्यूज18 इंग्लिश)
सूत्रों ने कहा, ''चीन की नई एडवांस मिसाइलों की रेंज पहले वाली की तुलना में कहीं ज्यादा है और लक्ष्य को अधिक सटीकता के साथ हिट करने में समक्ष हैं.'' भले ही ताइवान कभी भी चीनी सत्तारूढ़ पार्टी के द्वारा नियंत्रित नहीं किया गया हो, लेकिन चीन ताइवान को अपनी सीमा का हिस्सा कहता रहा है. कनाडा स्थित कानवा डिफेंस रिव्यू के अनुसार, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि फुजियान और ग्वांगडोंग के दोनों मरीन कॉर्प्स और रॉकेट फोर्स बेस का विस्तार हुआ है. (फोटो सौ. न्यूज18 इंग्लिश)

पत्रकार के रिश्तेदारों पर गवाह (Witness) को धमकाने का आरोप लगा है. गौरतलब रहे कि 26 अक्टूबर को पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala house court) में इस केस की सुनवाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 12:00 PM IST
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नई दिल्ली. चीन जासूसी केस (China espionage case) में मुख्य गवाह को धमकाया जा रहा है. गवाह ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को इसकी शिकायत दी है. गवाह दिल्ली का रहने वाला है. पुलिस की स्पेशल सेल को केस ट्रांसफर कर दिया गया है. जासूसी केस में पकड़े गए पत्रकार (Journalist) राजीव शर्मा के खिलाफ हुई कार्रवाई में यह व्यक्ति मुख्य गवाह है. जब राजीव शर्मा के फ्लैट पर पुलिस ने रेड डाली थी तो इसी गवाह की मौजूदगी में ही सबूत इकट्ठा किए गए थे.

पीएमओ ऑफिस की यह जानकारी चाहते थे जासूस
जांच एजेंसियां लगातार जासूसी नेटवर्क के लोगों से पूछताछ कर रही हैं. अभी तक की पूछताछ में जो खुलासा हुआ है उसके मुताबिक भारत में रहकर चीन के लिए जासूसी कर रहे यह लोग पीएमओ  (प्रधानमंत्री कार्यालय) की यह जानकारी जुटाने की कोशिश में थे कि इस ऑफिस के स्टाफ में किस पद का कौन अफसर सबसे ज़्यादा प्रभावशाली है.

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साथ ही दूसरे लोगों के बारे में भी यह जानकारी लेनी थी कि कौन अधिकारी और कर्मचारी किस पद पर है और उसका कितना प्रभाव है. यह जानकारी पद ग्रेड के हिसाब से हासिल की जानी थी. इसी तरह से यही सब जानकारी दूसरे ऑफिसों से भी निकालनी थी.



जानकारी हासिल कर ऐसे पहुंचानी थी चीन
जांच एजेंसियों की गिरफ्त में आ चुकी एक महिला क्विंसी का परिचय चीनी महाबोधी टेंपल के प्रमुख मौंक ने कोलकाता की एक  प्रभावशाली महिला से कराया था. क्विंसी को उस महिला से मिली जानकारी को चीनी भाषा में ट्रांसलेट कर के चीन भेजना था. चीन में यह दस्तावेज वहां की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रभावशाली लीडर की पत्नी मिसेज डिंग और मिस्टर चाऊ को भेजे जाने थे.

इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले महीने एक पत्रकार राजीव शर्मा समेत चीनी युवती और उसके नेपाली साथी शेर बहादुर को गिरफ्तार कर चुकी है. तीनों अभी भी तिहाड़ जेल में हैं. पकड़े गए लोगों के बयान के आधार पर खुफिया एजेंसियों ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और कोलकाता समेत अनेक जगहों पर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है.
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