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रोहिणी कोर्ट शूटआउट पर CJI एनवी रमना ने जताई चिंता, दिल्ली हाईकोर्ट को दी यह सलाह

सीजेआई को बताया गया था कि अपराधियों की फायरिंग और उसके जवाब में दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में दो अपराधियों को ढेर कर दिया गया. (फाइल फोटो)

सीजेआई को बताया गया था कि अपराधियों की फायरिंग और उसके जवाब में दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में दो अपराधियों को ढेर कर दिया गया. (फाइल फोटो)

न्यायमूर्ति रमना ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल (Judge DN Patel) से बात करके घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. तथा केंद्र सरकार के सहयोग से राजधानी की सभी अदालतों में सुरक्षा के बंदोबस्त चाक-चौबंद करने की सलाह दी है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना (NV Ramana) ने रोहिणी कोर्ट परिसर में वकीलों के ड्रेस में दो अपराधियों द्वारा खुलेआम फायरिंग किए जाने और गैंगस्टर जिंद्रा जोगी (Gangster Jindra Jogi) को मार गिराये जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. सीजेआई मौका-ए-वारदात पर जाना चाहत थे, लेकिन उन्हें वहां न जाने की सलाह दी गई. हालांकि, न्यायमूर्ति रमना ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल (Judge DN Patel) से बात करके घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. तथा केंद्र सरकार के सहयोग से राजधानी की सभी अदालतों में सुरक्षा के बंदोबस्त चाक-चौबंद करने की सलाह दी है.

    सीजेआई को बताया गया था कि अपराधियों की फायरिंग और उसके जवाब में दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में दो अपराधियों को ढेर कर दिया गया. और एक गोली न्यायिक अधिकारी के आसन के डायस में लगी, लेकिन सौभाग्यवश से कोई घायल नहीं हुआ. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार,सीजेआई ने कहा है कि न्याय देने की बेहतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक अधिकारियों, जजों और वकीलों के साथ-साथ वादियों-प्रतिवादियों में भी कोर्ट परिसरों में सुरक्षा का भाव आना चाहिए.

    सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा
    सुप्रीम कोर्ट ने धनबाद में गत जुलाई में एक जज की कथित हत्या की पृष्ठभूमि में जजों और अदालत परिसरों में पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध न कराये जाने पर स्वत: संज्ञान लिया था. इसने कोर्ट परिसरों के भीतर और जजों को उनके घरों पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर राज्य सरकारों से जवाब तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने गत 17 अगस्त को जजों अैर कोर्ट परिसरों में सुरक्षा उपायों के संबंध में हलफनामा न दायर करने को लेकर प्रमुख राज्य सरकारों को आड़े हाथों लिया था और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना किया था. रोहिणी कोर्ट की यह घटना जजों और वकीलों की सुरक्षा के मामले में सुनवाई में तेजी लाने के लिए सीजेआई को मजबूर करेगी. ऐसी संभावना है कि अब इस मामले में स्वत: संज्ञान मामले को अगले माह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा.

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