दिल्ली में गैरजिम्मेदार साबित हुए केजरीवाल, अब गुजरात में तलाश रहे जमीन : कांग्रेस

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार को नाकाम बताया.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली की जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है. वह सत्ता का खेल खेलकर गुजरात में पैर जमाने की तैयारी में हैं.

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नोएडा. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि यह बहुत ही गैरजिम्मेदाराना है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल गुजरात दौरे के दौरान दिल्ली मॉडल की बात कर रहे हैं, जबकि कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रमण से हुई क्षति के बारे में सभी जानते हैं. उन्होंने कहा कि चाणक्यपुरी क्षेत्र के विवेकानंद कैम्प में जलसंकट की जिम्मेदारी भाजपा और आप पार्टी दोनों में से कोई लेने को तैयार नहीं, जबकि यह क्षेत्र एनडीएमसी के अन्तर्गत आता है. उन्होंने कहा कि चाणक्यपुरी जैसे पॉश क्षेत्र में झुग्गी और बस्ती में रहनेवाले लोगों का जीवन जलसंकट के कारण दर्दनाक बन गया है. वहां पानी की सप्लाई न होने की वजह से गरीब लोग टैंकरों पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का निपटारा करने की बजाय भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि 6 राज्यों में चुनावों की तैयारी के लिए केजरीवाल गुजरात में अपनी जमीन तलाश रहे है. जबकि पिछले 7 वर्षों में दिल्ली की जनता के कुछ नहीं किया है, केवल लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली की जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है. वह सत्ता का खेल खेलकर गुजरात में पैर जमाने की तैयारी में हैं. जबकि आईआईटी दिल्ली के एक्पर्ट के अनुसार 944 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत है और केजरीवाल 27 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट उद्घाटन की फोटो खिंचवा कर गुजरात में प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोविड के दूसरी लहर में संक्रमण के प्रभाव से दिल्ली सरकार लाचार खड़ी नजर आई और मुख्यमंत्री ने सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्लीवालों के प्रति असंवेदनशील हैं क्योंकि महामारी की दूसरी लहर में दिल्लीवालों को उनके हाल पर छोड़ यूपी में पंचायत चुनाव लड़ने चले गए थे.

अनिल कुमार ने कहा कि चाणक्यपुरी में जलसंकट ने मोदी और केजरीवाल सरकार की पोल खोल कर रख दी है. प्रधानमंत्री मोदी की 100 स्मार्ट सिटी में एनडीएमसी क्षेत्र भी एक स्मार्ट सिटी है, जहां फिलहाल जलसंकट के साथ-साथ लोगों का जीवनस्तर भी दयनीय स्थिति में है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने अपने तीन शासन काल में न तो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगवाया है और न ही आधुनिक तकनीकी आधार पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट विकसित किया. दिल्ली में पानी की डिमांड और सप्लाई के बीच भारी अंतर है, जबकि भीषण गर्मी में पानी की मांग अधिक बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल एनडीएमसी क्षेत्र में जलसंकट के लिए भाजपा सरकार पर दोष मढ़ते हैं और जबकि भाजपा दिल्ली सरकार को जिम्मेदार बता रही है क्योंकि पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी दिल्ली जल बोर्ड की है.

अरविन्द केजरीवाल गुजरात में जाकर दिल्ली मॉडल की दुहाई दे रहे हैं. क्या केजरीवाल गुजरात के लोगों को दिल्ली की सच्चाई बताएंगे कि स्वास्थ्य अव्यवस्था के कारण दिल्ली में कोविड मृत्यु दर देश में नम्बर वन पर है. दिल्ली में आज बेरोजगारी दर 45 प्रतिशत के साथ देश में सबसे ज्यादा है. महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में दिल्ली के लोग भूख से मरते रहे, परंतु दिल्ली सरकार ने लोगों को राशन नहीं बांटा और हजारों टन अनाज सड़ गया. उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली की 2 करोड़ जनता को मझधार में छोड़कर गुजरात में चुनाव प्रचार करके विकसित दिल्ली मॉडल की बात कर रहे हैं. अरविन्द केजरीवाल ने चुनावी भाषणों में बार-बार दिल्ली में हर घर नल में जल का वादा किया था, परंतु हर घोषणा की तरह उनकी जल देने की घोषणा भी शगूफा साबित रही और पिछले 7 वर्षों में असहाय साबित हुए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद जल बोर्ड के चैयरमैन रहते हुए अमोनिया से निजात दिलाने में विफल रहे. दिल्ली में जल में अमोनिया की मात्रा के जल प्रदूषण गहरा गया है. उन्होंने कहा कि सिविल लाइन्स, हिन्दू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोलबाग, पहाड़गंज, ओल्ड-न्यू राजेन्द्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर व इंद्रपुरी आदि में जलसंकट विकराल हो गया है.

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