अपना शहर चुनें

States

COVID-19: चौंकाने वाले हैं दिल्ली में अब तक के सबसे बड़े कोरोना सर्वे के नतीजे, 57 लाख लोगों की हुई जांच

दिल्ली में अब तक का सबसे बड़ा कोरोना सर्वे चल रहा है. (Pic- AP)
दिल्ली में अब तक का सबसे बड़ा कोरोना सर्वे चल रहा है. (Pic- AP)

Delhi COVID-19 Update: 4456 कंटेनमेंट जोन, घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों,  बाजारों (Market) और ऐसे इलाकों में कोरोना सर्वे किया गया जहां संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज़्यादा हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 10:41 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली.  कोरोना (Coronavirus) को लेकर दिल्ली (Delhi) में अब तक का सबसे बड़े कोरोना सर्वे (Corona Survey) हो रहा है. 20 से 24 नवंबर तक के सर्वे के नतीजे भी सामने आ चुके हैं. अभी तक 57 लाख से ज़्यादा लोगों पर यह सर्वे हो चुका है. चौंकाने वाली बात यह है कि सर्वे के दौरान कुल 13,516 लोग लक्षण वाले पाए गए. इतना ही नहीं इनके 8413 कॉन्टेक्ट्स की भी पहचान की गई. राहत की बात यह हैं कि जब इनके टेस्ट कराए गए तो कुल 1178 लोग कोरोना संक्रमित (Corona Infected) मिले. सर्वे में 6.42 फीसदी का पॉजिटिविटी रेट सामने आया है.

5 दिन तक ऐेसे चला सबसे बड़ा सर्वे
दिल्ली में कोरोना को लेकर घर-घर यह सर्वे हुआ है. कोरोना को लेकर होने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वे था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच हुई बैठक में इस सर्वे पर सहमति बनी थी. सर्वे के दौरान 9500 टीम 13 से 14 लाख घरों में गईं. हर टीम में 3 लोग थे. यह दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की टीम थीं. दिल्ली के 11 ज़िलों में करीब 57 लाख लोगों की सर्वे के दौरन जांच की गई. यानी यह दिल्ली की चौथाई आबादी पर सर्वे हुआ है. खास बात यह है कि घनी आबादी और कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों को भी सर्वे शामिल किया गया. होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों पर नीति आयोग ने एक टिप्पणी की थी. इसी कड़ी में इस सर्वे को अहम मान जा रहा है.

जानिए क्यों गली-मोहल्लों में जाकर जवान पंडितजी को तलाश रही हैं इवेंट कंपनियां
फेस टू फेस हुई कॉन्टेक्ट्स ट्रेसिंग


गौरतलब रहे अभी तक दिल्ली सरकार एक पॉजिटिव मामला सामने आने पर उसके संपर्क वाले 16 लोगों की फोन पर कांटेक्ट ट्रेसिंग कर रही थी. लेकिन इस सर्वे टीम ने कॉन्टेक्ट्स ट्रेसिंग का काम फेस टू फेस किया है. जिन घनी आबादी वाले इलाकों में संक्रमण और कांटेक्ट की संख्या ज्यादा थी वहां पर रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाना इस सर्वे टीम की ज़िम्मेदारी थी.

यह भी सुनिश्चित किया गया कि रैपिड एंटीजन टेस्ट से जो लक्षण वाले लोग नेगेटिव आए हैं उनका RT-PCR टेस्ट जरूर करवाया जाए. टीम ने यह भी देखा कि कोरोना पीड़ित लोग जो होम आइसोलेशन में रह रहे हैं क्या वह नियमों का ठीक से पालन कर रहे हैं या नहीं? इसके लिए यह टीमें बाकायदा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज़ों के घर भी गईं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज