दिल्ली सरकार ने पत्रकारों के लिए डेडिकेटेट वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत की

केजरीवाल ने पत्रकारों के लिए शुरू किया फ्री वैक्सीनेशन सेंटर.

केजरीवाल ने पत्रकारों के लिए शुरू किया फ्री वैक्सीनेशन सेंटर.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को माता सुंदरी रोड स्थित राजकीय सर्वोदय बाल कन्या विद्यालय में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए फ्री वैक्सीनेशन सेंटर की शुरूआत की. इस सेंटर पर 18 से 44 और 45 साल से अधिक उम्र के पत्रकार व उनके परिजन वैक्सीन लगवा सकते हैं.

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नई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को माता सुंदरी रोड स्थित राजकीय सर्वोदय बाल कन्या विद्यालय में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए फ्री वैक्सीनेशन सेंटर की शुरूआत की. इस सेंटर पर 18 से 44 और 45 साल से अधिक उम्र के पत्रकार व उनके परिजन वैक्सीन लगवा सकते हैं और मौके पर पंजीकरण भी कर सकेंगे. सीएम ने कहा कि दिल्ली को स्पूतनिक से वैक्सीन मिलने का भरोसा मिला है. जून में वैक्सीन की कुछ डोज मिलने की उम्मीद है. वैक्सीन की कमी पर सीएम ने कहा कि सभी राज्य सरकारें अपनी पूरी कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक एक भी राज्य अपने स्तर पर एक भी वैक्सीन लाने में सफल नहीं हुआ है.

वैक्सीन की खरीद और उत्पादन करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. केंद्र राज्यों को वैक्सीन दे और अगर हम सही से वैक्सीन न लगाएं, तो हमारी जिम्मेदारी है. हम जितनी जल्दी और जितने ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा पाएंगे, उतने ही ज्यादा लोगों की जान बचा पाएंगे. वैक्सीनेशन सेंटर शुरू करने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस स्कूल में पत्रकारों और उनके परिवार के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की व्यवस्था शुरू की जा रही है. यहां पर 18 से 44 और 45 साल से अधिक उम्र के दोनों श्रेणियों के पत्रकार और उनके परिवार के लोग आकर वैक्सीन लगवा सकते हैं. वैक्सीन लगवाने के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा.

दिल्ली में सोमवार से अनलाॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है. लोगों को ड्यूटी जाने के लिए ई-पास बनवाने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी दिक्कतें आएंगी, उसे ठीक किया जाएगा. आज मैने देखा था कि पोर्टल में थोड़ी दिक्कत थी. उसको ठीक कर दिया जाएगा.

ब्लैक फंगस के करीब 944 केस
सीएम ने कहा कि दिल्ली में ब्लैक फंगस के करीब 944 केस आए हैं. इसमें करीब 300 केस केंद्र सरकार के अस्पतालों में हैं, जबकि करीब 650 केस दिल्ली सरकार के अस्पतालों में हैं. इसके टीके की बहुत कमी है. परसों करीब एक हजार टीके आए थे. यह संख्या बहुत कम है, क्योंकि एक दिन में एक मरीज को तीन से चार टीके लगते हैं. वहीं कल तो कोई टीका नहीं आया है.

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