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राकेश अस्थाना की नियुक्ति पर CM केजरीवाल ने उठाए सवाल, बोले- यह SC के आदेश के खिलाफ

पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने संबंधी प्रस्ताव को आज दिल्ली विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने संबंधी प्रस्ताव को आज दिल्ली विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

Delhi Police New Commissioner: दिल्ली पुलिस के नवनियुक्त कमिश्नर राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) ने आज बुधवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. लेकिन दिल्ली की आप सरकार ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. सीएम केजरीवाल ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताया है.

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस के नवनियुक्त कमिश्नर राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) ने बुधवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. लेकिन राकेश अस्थाना के दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर बनने पर विवाद शुरू हो गया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राकेश अस्थाना की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताया है. उन्होंने कहा कि जो आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया है, ये उसके खिलाफ है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “मुझे लगता है कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है. जो आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया है उसके खिलाफ है. केंद्र सरकार का फर्ज बनता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को माना जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हिसाब से ही नियुक्ति होनी चाहिए.”

केजरीवाल ने आगे कहा कि “जब उन्हें सीबीआई डायरेक्टर बनाने की भी बात आई थी तो सीबीआई डायरेक्टर बनाने वाली जो कमेटी है, जिसमें प्रधानमंत्री लीडर आफ अपोजिशन और चीफ जस्टिस थे, तो अखबारों में जो खबर छपी है. उसके मुताबिक वह उसके लिए योग्य नहीं थे, इसलिए उन्हें नहीं बनाया सका. वही कारण है कि वह इस पोस्ट के लिए भी योग्य नहीं हैं, इसलिए केंद्र सरकार को सभी कायदे-कानून के हिसाब से नियुक्ति करनी चाहिए.”

यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट की अवमानना: आप विधायक

आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि ‘यह नियुक्ति न केवल असंवैधानिक है बल्कि उच्चतम न्यायालय की अवमानना भी है. 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में कहा गया था कि अगर डीजीपी के लेवल पर किसी की नियुक्ति होनी है, तो उनके रिटायरमेंट में कम से कम 6 महीने का समय होना चाहिए. इस प्रक्रिया में यूपीएससी से सलाह लेने का भी आदेश दिया गया था. इसकी पूरी प्रक्रिया के पालन का आदेश दिया गया था.’

नियुक्ति प्रक्रिया में मानकों का नहीं किया गया पालन

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रक्रिया के एक भी मानक का पालन राकेश अस्थाना की नियुक्ति में नहीं किया गया है. राकेश अस्थाना को स्पेशल मिशन पर भेजा गया है, जब-जब प्रधानमंत्री को लगा कि उनपर संकट है, तो राकेश अस्थाना की नियुक्ति हो जाती है. केंद्र को दिल्ली में हो रहे अपराध की चिंता नहीं है, अगर अपराध रोकने की मंशा होती, तो AUGMUT कैडर से अधिकारी की नियुक्ति होती. क्या इस कैडर में कोई अनुभवी अधिकारी नहीं है. बालाजी श्रीवास्तव को क्यों जिम्मेदारी देने के बाद हटा दिया गया.

आप विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि इनकी मंशा दिल्ली को अस्थिर करने की है, आज न सिर्फ दिल्ली की एक चुनी हुई सरकार के अधिकार छीने जा रहे हैं, बल्कि एक ऐसे अधिकारी को भेजकर डराने की कोशिश कर रहे हैं. यहां बैठे ज्यादातर सदस्य पुलिस की प्रताड़ना का शिकार हुए हैं.

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