CM केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी, केंद्र जल्द करे इंतजाम

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट गहराने को लेकर चिंता जताई है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट गहराने को लेकर चिंता जताई है. (फाइल फोटो)

Delhi Corona Cases: दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से की मांग. कहा- अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन स्टॉक बचा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 6:43 PM IST
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नई दिल्ली. राजधानी में कोरोना संकट गहराता जा रहा है. मंगलवार को पहले दिल्ली के अस्पतालों में ICU बेड की कमी की खबर आई. शाम होते-होते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM arvind kejriwal) ने अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट (oxygen crisis) गहराने को लेकर चिंता जताई है.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि दिल्ली के अस्पतालों में अब कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन स्टॉक बचा है, इसलिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द इसका इंतजाम करे. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि वे लगातार इस बारे में आग्रह करते रहे हैं, अब संकट और गहरा गया है. इसलिए केंद्र सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाए, ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाई जा सके.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का स्क्रीन शॉट.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का स्क्रीन शॉट.


बता दें कि दिल्‍ली में कोरोना वायरस से फैले संक्रमण से हालात भयावह हो गए हैं. प्रतिदिन 20 हजार से ज्‍यादा नए संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं. दर्जनों की तादाद में लोगों की इस महामारी से मौत भी हो रही है. आज दिन में ही खबर आई कि मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्‍नी सुनीता केजरीवाल कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. उन्‍होंने खुद को घर में ही आइसोलेट कर लिया है. इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी खुद को क्‍वॉरंटाइन कर लिया है.
आपको बता दें कि दिल्ली में आक्सीजन और बेड की कमी को लेकर आज दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कि अब हम दिल्ली में डे टु डे ऑक्सीजन सप्लाई और अस्पतालों की बेड को मॉनिटर करेंगे. टीकों की खुराक की बर्बादी पर नाराजगी जाहिर करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यह कितनी बड़ी बर्बादी है, इतनी बड़ी तादाद में इस्तेमाल न होने की वजह से वैक्सीन बर्बाद हो रहे हैं. केंद्र सरकार ने अब जाकर 18 साल के उम्र के सभी लोगों के वैक्सीनेशन का जो फैसला किया है, वह अच्छा कदम है. हर एक दिन हम अपने जवान साथियों को खो रहे हैं. एक-एक जान कीमती है. यह वक्त हालात के मुताबिक इमरजेंसी कदम उठाने का है. कोर्ट ने कहा कि महामारी कोई भेदभाव नहीं करती, इसलिए हर किसी के टीकाकरण की जरूरत है, इस समय युवाओं पर गहरा संकट है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि आप जिनका भी टीकाकरण कर सकते हैं, कृपया करें.
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