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राष्ट्रपति भवन में निकला कोबरा, वाइल्ड लाइफ टीम ने किया रेस्क्यू

कोबारा (प्रतीकात्मक फोटो-wildlife SOS)

कोबारा (प्रतीकात्मक फोटो-wildlife SOS)

कुछ जरूरी जांच पड़ताल के बाद कोबरा सांप (Cobra Snake) को जंगल (Forest) में छोड़ दिया गया.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. राष्ट्रपति भवन (President House) में मंगलवार की शाम सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. तभी अचानक गेट नंबर 8 के पास हड़कंप मच गया. वहां एक कोबरा सांप फन फैलाए बैठा हुआ था. गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों (Security guard) में भी खलबली मच गई. सुरक्षाकर्मियों ने अलर्ट रहने का सिग्नल दे दिया. फौरन ही वाइल्ड लाइफ (wildlife) की एसओएस टीम को सूचना दे दी गई. सर्च ऑपरेशन चलने पर खासी मशक्कत के बाद एसओएस की टीम ने कोबरा को पकड़ लिया. कुछ जरूरी जांच-पड़ताल के बाद कोबरा सांप (Cobra Snake) को जंगल (Forest) में छोड़ दिया गया.

    270 तरह के सांप हैं भारत में
    वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “भारत में पाए जाने वाले चार सबसे विषैले सांप प्रजातियों में से एक कोबरा होने के कारण, हमारी टीम को इस बचाव अभियान के समय बहुत सावधानी बरतनी पड़ी. कभी-कभी ऐसे बचाव अभियान खतरनाक और जोखिम भरे हो सकते हैं, इसलिए हमारी टीम को वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण और इस तरह के संवेदनशील ऑपरेशनों को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए ट्रेंड किया गया है.''

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    राष्ट्रपति भवन में कोबारा पकड़ता वाइल्ड लाइफ एसओएस का सदस्य


    कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “कोबरा को कुछ घंटों के लिए निगरानी में रखा गया और बाद में उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया. भारत, कोबरा सांप और कॉमन क्रेट जैसे बेहद विषैले सांपों से लेकर कॉमन सैंड बोआ, रेड सैंड बोआ, वुल्फ स्नेक और रैट स्नेक जैसे कई तरह के गैर-विषैले सांपों की प्रजातियों का घर है. अक्सर खतरनाक मानकर लोग इन सांपों से भयभीत हो जाते हैं, जिसके कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती हैं. वाइल्ड लाइफ एसओएस इन गलत धारणाओं को कम करने और लोगों के मन में जंगली जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढाने के लिए, शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक तरीकों का उपयोग करके मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के इरादे के प्रति काम करता है.''

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    इस मौसम में अक्सर निकलते हैं सांप
    वाइल्डलाइफ एसओएस के डिप्टी डॉयरेक्टर वसीम अकरम का कहना है, "हमें खुशी है कि अधिक से अधिक लोग अब सांप निकलने के मामलों को अपने हाथों में लेने के बजाय मदद के लिए हमारे हेल्पलाइन नंबर पर सूचनाएं दे रहे हैं. मानसून में सांप के दिखने की संभावना बढ़ जाती है, हमारी टीम चौबीसों घंटे काम करती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहायता के लिए आई कोई भी कॉल खाली न जाए.”

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