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कोवैक्‍सीन और कोविशील्‍ड, जानिए किसके साइड इफैक्‍ट्स हैं ज्‍यादा खतरनाक

कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन केे साइड इफैक्‍ट अलग अलग हैं. यहां जानिए किसके साइड इफैक्‍ट ज्‍यादा खतरनाक हैं.

कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन केे साइड इफैक्‍ट अलग अलग हैं. यहां जानिए किसके साइड इफैक्‍ट ज्‍यादा खतरनाक हैं.

देश में लगाई जा रहीं दोनों कोविड वैक्‍सीन कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन के साइड इफैक्‍ट अलग-अलग हैं. डेढ़ महीने के टीकाकरण अभियान के बाद लगभग सभी साइड इफैक्‍ट सामने आ चुके हैं. ऐसे में यहां देखे जा सकते हैं कि किस वैक्‍सीन के साइड इफैक्‍ट झेलना आसान है.

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नई दिल्‍ली. देश में 16 जनवरी से शुरू हुआ कोविड वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम अपने दूसरे फेज में पहुंच चुका है. पहले स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्‍सीन लगने के बाद अब 60 साल से ऊपर का कोई भी व्‍यक्ति वैक्‍सीन लगवा सकता है. इसके साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे 45 साल से ऊपर के लोग भी वैक्‍सीन ले सकते हैं.

टीकाकरण अभियान को डेढ़ महीना होने के बाद वैक्‍सीन के लगभग सभी साइड इफैक्‍ट भी सामने आ चुके हैं. ऐसे में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय की ओर से भी इन साइड इफैक्‍ट को लेकर पूरी जानकारी दी गई है. देश में लगाई जा रही दो वैक्‍सीन कोविशील्‍ड (CoviShield) और कोवैक्‍सीन (Covaxin) के अलग-अलग साइड इफैक्‍ट सामने आए हैं. जो यहां दिए जा रहे हैं. ऐसे में लोग खुद भी अनुमान लगा सकते हैं कि किस वैक्‍सीन के साइड इफैक्‍ट (Side Effects of Covid Vaccine) वे खुद भी झेल सकते हैं.

कोविशील्‍ड



कोविशील्‍ड वैक्‍सीन लेने के बाद दिखाई देने वाले साइड इफैक्‍ट
इंजेक्‍शन वाली जगह का नर्म हो जाना, टीके की जगह पर तेज दर्द, सिरदर्द, थकान, वात रोग, बेचैनी, बुखार या तेज बुखार, ठंड और जोड़ों में दर्द का उठना, जी मिचलाना या उल्टियां होना. इसके साथ ही इस वैक्‍सीन के बाद बहुत कम संख्‍या में लोगों में कोई और विकार की समस्‍याएं सामने आई हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोविशील्‍ड का ऐसा कोई प्रभाव नहीं है जो बहुत खतरनाक हो. ये सभी साइड इफैक्‍ट साधारण हैं.

कोवैक्‍सीन

कोवैक्‍सीन लेने के बाद दिखाई देने वाले साइड इफैक्‍ट.

शरीर में दर्द, पेट में दर्द, जी मिचलाना और उल्टियां होना, चक्‍कर आना या सिर का चकराना, शरीर में कंपन या झटके महसूस होना, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द होना, सिरदर्द, थकान और बुखार को होना, पसीने का आना, सर्दी और खांसी, वैक्‍सीन वाली जगह पर सूजन आना. हालांकि बताया गया है कि इस वैक्‍सीन के बाद कोई बड़ा स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचाने वाला प्रभाव नहीं दिखाई दिया है.

ये लोग नहीं ले सकते वैक्‍सीन

गर्भवती महिलाओं और बच्‍चों को छोड़कर कोई भी कोरोना की वैक्‍सीन ले सकता है लेकिन कुछ ऐसे मामले भी हैं जब वैक्‍सीन नहीं ली जा सकती. या फिर पूरी तर‍ह बीमारी के ठीक होने के चार से आठ हफ्तों के बाद ली जा सकती है.

. अगर व्‍यक्ति सार्स कोव-2 इन्‍फैक्‍शन से पीड़‍ित है.

. अगर कोरोना से पीड़‍ित मरीज को एंटी सार्स कोव-2 मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडीज या प्‍लाज्‍मा दिया गया हो.

. किसी भी बीमारी से पीड़ि‍त व्‍यक्ति अगर अस्‍पताल में भर्ती हो. फिर चाहे आईसीयू में हो या आईसीयू से बाहर हो.
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