दिल्ली सरकार-डीयू के बीच टकराव बरकरार, टीचर्स ने दी ‍चेतावनी-मांगे पूरी होने तक जारी ‍रखेंगे आंदोलन!

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक पैदल विरोध मार्च निकाला.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक पैदल विरोध मार्च निकाला.

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आवाहन पर डीयू शिक्षकों ने मांगों को लेकर सीएम आवास तक विरोध मार्च निकाला. इसमें कई शिक्षक संगठनों के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और दिल्ली सरकार की शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज भी बुलंद की. साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक सरकार मांगों को नहीं मान लेती तब तक शिक्षक अपना विरोध जारी रखेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 7:05 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के दिल्ली सरकार से पूर्व वित्त पोषित 12 कॉलेजों के बीच चल रहा टकराव अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने अब एक बार फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास तक पैदल विरोध मार्च निकाला.




डीयू के नॉर्थ कैंपस स्थित वीसी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास (CM Residency) तक शिक्षकों ने पैदल मार्च निकालकर अपना रोष जताया. दिल्ली सरकार (Delhi Government) से आग्रह किया कि वह शिक्षा विरोधी नीतियों पर आमदा ना होकर शिक्षा को नई दिशा की ओर ले जाने का काम ‍करे. यह पैदल विरोध मार्च दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के आवाहन पर निकाला गया.



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इसमें कई शिक्षक संगठनों के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और दिल्ली सरकार की शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज भी बुलंद की. साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक सरकार मांगों को नहीं मान लेती तब तक शिक्षक अपना विरोध जारी रखेंगे.






इस मामले को लेकर खफा हैं डीयू के शिक्षक 


दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण रूप से वित्त पोषित कॉलेजों के शिक्षक पैटर्न ऑफ अस्सिटेंस में बदलाव, स्टूडेंट फंड का वेतन के लिए इस्तेमाल का विरोध, अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट और वेतन, तथा सीनियर अकाउंट ऑफिसर की नियुक्ति की वापसी को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं.




शिक्षकों का आरोप- एक साल से किया जा रहा ज्यादा हस्तक्षेप


विरोध कर रहे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार करीब 1 साल से इन सभी 12 पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों में ज्यादा दखलअंदाजी कर रही है. कॉलेजों को अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण शिक्षक और कर्मचारियों को कई-कई महीनों तक वेतन का इंतजार करना पड़ रहा है.




पिछले 2 सप्ताह से लगातार चल रहा है शिक्षकों का विरोध


अपनी मांगों को लेकर पिछले दो सप्ताह से दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के शिक्षक डूटा के नेतृत्व में लगातार आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) की दिल्ली सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे हैं.




NDTF ने कहा-शिक्षा निजीकरण का रास्ता खोलना चाहती है सरकार


नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (NDTF) के अध्यक्ष डॉ ए के भागी ने बताया कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक उच्च शिक्षा को स्ववित्त पोषित करके निजीकरण का रास्ता खोल रही है. स्टूडेंट फंड से वेतन देने के लिए पैटर्न ऑफ अस्सिटेंस को बदलने का प्रयास किया जा रहा है.




शिक्षा का निजीकरण होने से शिक्षा गरीब और वंचित समाज की पहुंच से बाहर हो जाएगी. दिल्ली सरकार शिक्षा के मॉडल को लेकर बड़ी डींग हाँक रही है लेकिन वास्तव में वह उच्च शिक्षा में गरीब विरोधी नीतियां लागू करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को ही ताक पर रख रही है.




डॉ भागी ने कहा कि दिल्ली सरकार इन कॉलेजों का अधिग्रहण करने के लिए एक के बाद एक अवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अनैतिक कार्यवाही कर रही है. उन्होंने कहा कि कि एनडीटीएफ इसका पुरजोर विरोध करेगा.

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