कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार से पूछा-शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई, गरीब छात्रों पर नहीं डिजिटल साधन, कैसे होगी ये?

दूसरे साल भी लगातार लाखों छात्र ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई करने को मजबूर होंगे.

दूसरे साल भी लगातार लाखों छात्र ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई करने को मजबूर होंगे.

कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार (Ch. Anil Kumar) ने कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना संक्रमित (Corona Virus) मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है. इसकी वजह से दूसरे साल भी लगातार लाखों छात्र ऑनलाइन क्लास (Online Classes) के जरिए पढ़ाई करने को मजबूर होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 2, 2021, 10:51 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार (Ch. Anil Kumar) ने कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना संक्रमित (Corona Virus) मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है. इसकी वजह से दूसरे साल भी लगातार लाखों छात्र ऑनलाइन क्लास (Online Classes) के जरिए पढ़ाई करने को मजबूर होंगे.

लेकिन उन छात्रों के लिए बड़ी परेशानी की बात है जो डिजिटल असमानता के चलते शिक्षा से वंचित रह रहे हैं. इसका सबसे ज्यादा असर गरीब छात्रों पर हो रहा है. ऐसे में सरकार को इन सभी को वह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं जिससे कि यह अपनी ऑनलाइन क्लासेस को जारी रख सकें.

उन्होने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कोरोना काल से पहले ही गरीब छात्रों को भारी असमानता झेलनी पड़ रही थी लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद यह ओर भी बढ़ गयी है. अगर इस असमानता पर समय रहते विचार व त्वरित रूप से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गरीब छात्र शिक्षा के मामले में ही नहीं बल्कि रोजगार के मामले में भी भविष्य में पिछड़ जाएंगे.

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) को छात्रों के भविष्य को लेकर कोई चिंता नहीं है. शिक्षा मंत्री ‘शराब’ पर फोकस कर रहे हैं. उनके लिए छात्रों के भविष्य से ज्यादा शराब कारोबार के जरिये अधिक से अधिक रेवेन्यू कमाना व शराब माफिया को बढ़ावा देने के बदले भ्रष्टाचार के जरिये मोटी उगाही कर चुनावी गुणा-भाग के लिए समय देना रह गया है.
अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए पेश बजट में भी ऑनलाइन शिक्षा के दौरान पिछले वर्ष जो समस्या हुई उससे पार पाने के लिए कोई आवंटन नहीं किया. छात्रों को मुफ्त लैपटाप, टेबलेट या फिर मोबाइल फोन व इंटरनेट के लिए डाटा को लेकर कुछ भी घोषणा नहीं की.

उन्होने याद दिलाया कि दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार को निजी स्कूलों (Private Schools) में पढ़ने वाले आर्थिक कमजोर श्रेणी के छात्रों को गेजेटस देने के लिए निर्देश भी दिया था, जिस आदेश के खिलाफ केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जाकर रुकवाया दिया था जो केजरीवाल सरकार के गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने घट रहे कोरोना मामले के पृष्ठभूमि में आदेश पर स्टे दिया था. लेकिन जिस प्रकार से दोबारा मामले बढ़ रहे सुप्रीम कोर्ट को भी अपने आदेश पर पुनर्विचार की जरूरत है.

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली के लाखों छात्र–छात्रा ऑनलाइन क्लास में शामिल नहीं हुए. इनमें से हजारों की संख्या में छात्र-छात्रा कहां गए इसके बारे में केजरीवाल सरकार ने जानने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किया, केवल खाना पूर्ति ही की.



उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ऑनलाइन क्लास के लिए जरूरी सुविधा छात्रों व शिक्षकों को उपलब्ध कराने की जगह वर्चुअल स्कूल का सपना दिखा रही है. जबकि यह आम राय है कि एक स्कूल बनाने से कोरोना काल में शिक्षा से महरूम लाखों छात्रों को कोई फायदा नहीं.
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