डोर स्टेप राशन डिलीवरी पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री का हमला, बोले- यूपीए सरकार के फूड सिक्योरिटी एक्ट पर श्रेय लेने की मची है होड़!

डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार में खींचतान मची हुई है.

डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार में खींचतान मची हुई है.

कांग्रेस की दिल्ली सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे हारून यूसुफ ने आरोप लगाया है कि दोनों सरकारें श्रेय लेने की होड़ में जनता को बेवकूफ बनाने में लगी हुई हैं. सही मायने में फूड सिक्योरिटी एक्ट पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यकाल में लोगों के लिए लाया गया था. इस पर अब दोनों सरकारें सिर्फ श्रेय लेने के लिए राजनीति कर रही हैं. उनको आम जनता को राशन मुहैया कराने से ज्यादा नाम करने की चिंता सता रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 7:28 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार की डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार में खींचतान मची हुई है. इसको लेकर अब कांग्रेस ने भी केंद्र और दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर निशाना साधा है.

कांग्रेस की दिल्ली सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे हारून यूसुफ ने आरोप लगाया है कि दोनों सरकारें श्रेय लेने की होड़ में जनता को बेवकूफ बनाने में लगी हुई हैं. सही मायने में फूड सिक्योरिटी एक्ट पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यकाल में लोगों के लिए लाया गया था. इस पर अब दोनों सरकारें सिर्फ श्रेय लेने के लिए राजनीति कर रही हैं. उनको आम जनता को राशन मुहैया कराने से ज्यादा नाम करने की चिंता सता रही है.

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) द्वारा डोर स्टेप राशन डिलीवरी की योजना पर केन्द्र सरकार द्वारा रोक लगाना सिर्फ श्रेय लेने की होड़ है, जबकि गरीब जनता को सिर्फ राशन चाहिए. उसे किसी योजना के नाम से कोई लेना देना नही है.
उन्होंने कहा कि राशन पर राजनीति नही होनी चाहिए, जबकि मोदी सरकार (Modi Government) और केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) राशन वितरण करने के लिए अपने नाम की लड़ाई पर योजनाएं बना रहे है.

सच्चाई तो यह है कि फूड सिक्योरिटी एक्ट कांग्रेस की यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और डॉ. मनमोहन सिंह Dr. Manmohan Singh) के नेतृत्व वाली सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों के लिए खाने के अधिकार के तहत बनाया था. ताकि सभी गरीबों को खाना मिल सके

यूसूफ ने कहा कि बिना टेंडर फाइनल हुए अरविंद केजरीवाल को कैसे पता था कि राशन कौन बांटेगा, जबकि टेंडर नही खुलने से वित्तीय रुपरेखा का किसी को पता नही था. उन्होंने कहा कि एक बार किसी फर्म को टेंडर देकर रद्द करना फिर दोबारा टेंडर करना केजरीवाल सरकार के बड़े भ्रष्टाचार के संकेत मिलते है. हारुन यूसूफ ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा डोर स्टेप डिलीवरी की योजना एक बड़ा घोटाला है जिसकी जांच होनी चाहिए.



हारुन यूसूफ ने कहा कि मोदी सरकार और केजरीवाल सरकार कांग्रेस की केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए फूड सिक्योरिटी एक्ट (Food Security Act) को अपनी योजना बताकर नए नामाें से दिल्लीवालों को झूठे नारे देकर उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं.

हारुन यूसूफ ने कहा कि कांग्रेस (Congress) की दिल्ली सरकार 31 लाख परिवारों को राशन देती थी. केन्द्र सरकार द्वारा दिशा निर्देशों के अनुसार राशन कोटा खत्म होने पर कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने गरीब और असहाय लोग जो राशन की श्रेणी में नहीं आते थे उनके लिये अन्नश्री योजना शुरु की गई.

अन्नश्री योजना के तहत 1 लाख लोगों को मुफ्त राशन अथवा उसका पैसा सीधा उनके खातों में जमा किया जाता था, जिसे सत्ता में आने पर आप (AAP) पार्टी की केजरीवाल सरकार ने बंद कर दिया. आज सिर्फ 17 लाख परिवारों को ही दिल्ली सरकार राशन मुहैया करा रही है जिसमें राशन की दुकाने पूरा महीना प्रतिदिन नही खुलती. सभी को राशन नहीं दिया जा रहा और मिलावटी राशन के लिए पूरा दिन लोगों को खड़े रहना पड़ता है.

यूसूफ ने बताया आप शासन काल के दौरान 11.49 लाख परिवार नए राशन कार्ड बनने का इंतजार कर रहे हैं तथा अधिकांश आवेदन पिछले 5 वर्षों से पेंडिग पड़े है. औसतन प्रति परिवार 5 व्यक्ति के अनुसार केजरीवाल सरकार 54-55 लाख लोगों का निवाला प्रतिदिन छीन रही है और अपने कार्यकाल में 461 राशन की दुकानों को भी बंद कर दिया.

हारुन यूसूफ ने मांग कि अरविन्द सरकार कांग्रेस की अन्नश्री योजना के तहत पेंडिग पड़े सभी राशन कार्ड जल्द जारी करे. वहीं, वंचित लोगों को भी कांग्रेस सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना की तर्ज पर राशन अथवा उसकी राशि सीधा उनके खाते में डाली जाए.


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