बेकाबू कोरोना पर कांग्रेस का केजरीवाल सरकार पर हमला, कहा-अस्पतालों में बेड, श्मशान में लकड़ियां और कब्रिस्तान में जगह पड़ी कम!

कोरोना से बेकाबू हो चुके हालातों पर कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है.

कोरोना से बेकाबू हो चुके हालातों पर कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है.

कांग्रेस नेता अल्का लाम्बा ने कहा कि अस्पताल में बेड कम! शमशान में लकड़ियाँ कम! कब्रिस्तान में जगह कम! अब दिल्ली में डबल इंजन की सरकार को राजनीतिक भेदभाव खत्म करके कोविड महामारी पर नियंत्रण के लिए एक वार रुम तैयार करना चाहिए. इसका कंट्रोल मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को अपने हाथों में लेकर हर संभव प्रशासनिक और व्यवहारिक उपाय करने होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 6:29 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण से स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. बेकाबू हो चुके हालातों पर कांग्रेस ने भी अब दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर हमला बोलते हुए कहा है कि यहां पर डबल इंजन की सरकार चल रही है. लेकिन हालात बद से बदतर होते चले जा रहे हैं.

कांग्रेस ने  कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोविड नियंत्रण के लिए तुरंत वार रूम तैयार करके उसकी कमान खुद संभालें जिससे कि प्रशासनिक और व्यवहारिक हर संभव उपाय किए जा सकें.

दिल्ली कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अल्का लाम्बा ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजधानी में कोरोना वायरस की चौथी लहर बहुत ही खतरनाक है. दिल्ली की डबल इंजन की सरकार महामारी को रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है. कल 17, 282 पॉजिटिव मामले आए है और 104 लोगों की मौत हो गई. राजधानी कोरोना पाजिटिव तथा प्रति लाख जनसंख्या के मृत्यु दर में पहले नम्बर पर है और दिल्ली सुरक्षित नहीं है.
अल्का लाम्बा ने कहा अस्पताल में बेड कम! शमशान में लकड़ियाँ कम! कब्रिस्तान में जगह कम! उन्होंने मांग की दिल्ली में डबल इंजन की सरकार राजनीतिक भेदभाव खत्म करके कोविड महामारी पर नियंत्रण के लिए एक वार रुम तैयार करे, जिसका कंट्रोल मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) अपने हाथों में लें और स्थिति पर हर नजरिए से ध्यान रखते हुए कोरोना के लिए हर संभव प्रशासनिक और व्यवहारिक उपाय करें.

उन्होंने कहा कि जहां देश की राजधानी को देश सहित विश्व में कोविड नियंत्रण पर मिसाल बनना चाहिए था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की स्वयंभू प्रवृति के कारण राजधानी आज बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते कोरोना के बढ़ते मामलों में विश्व में नम्बर वन शहर बन गया है.





दिल्ली के 70 प्रतिशत कोविड मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती

अल्का लाम्बा ने कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अस्पतालों मे केवल 36 वेंटीलेटर खाली हैं और 9 सरकारी अस्पतालों में से 4 में एक भी वेंटीलेटर खाली नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के 70 प्रतिशत कोविड मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती है.उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुल 15,057 बेड में से 4927 (33 प्रतिशत) बेड दिल्ली सरकार के हैं बाकी निजी और केन्द्र सरकार के अस्पतालों के हैं जबकि कुल 10,287 मरीजों में से केवल 2,742 मरीज (27 प्रतिशत) दिल्ली सरकार के अस्पतालों में भर्ती हैं. तथा 1,138 वेंटीलेटर उपयोग में है और मात्र 1.84 प्रतिशत वेंटीलेटर खाली हैं.



दिल्ली में 120 कैट्स एम्बूलेंस, भारी कमी 

अल्का लाम्बा ने कहा कि दिल्ली में 120 कैट्स एम्बूलेंस को प्रतिदिन 2000 मरीजों को अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है, एम्बूलेंसों की भारी कमी है, दिल्ली सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए.अल्का लाम्बा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगम के अस्पतालों को कोविड इलाज के लिए क्यों नही चुना, क्यों निजी अस्पतालों को इस श्रेणी में रखा, महामारी के साल बाद भी निगम अस्पतालों में तैयारी क्यों नही की गई और निगम अस्पतालों में वेंटीलेटर, आईसीयू बेड, डाक्टर, स्टाफ, नर्स आदि की भारी कमी पर केजरीवाल क्यों चुप हैं?



सरकार को संक्रमण के वेरियंट की जानकारी क्यों नही है?

उन्होंने कहा कि सरकार को संक्रमण के वेरियंट की जानकारी क्यों नही है? उन्होंने दिल्ली सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीजों को होम आईसोलेशन के लिए क्यों जोर दिया जा रहा जबकि बहुत लोगों के पास इतनी जगह भी नही है. उन्होंने मांग की सरकार को प्रतिदिन एक लाख आर.टी.-पीसीआर टेस्ट करने चाहिए और मुफ्त वैक्सीनेशन सभी आयु वर्ग के लोगों को मिलना चाहिए.

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