कांग्रेस का केजरीवाल सरकार पर हमला, कहा-अस्पतालों में बढ़ रहे मरीजों को प्राइवेट में भर्ती होने की सलाह दे रहा प्रशासन

कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों के प्रशासनिक प्रबंधन पर असंवेदनशील व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों के प्रशासनिक प्रबंधन पर असंवेदनशील व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन कोविड मरीजों को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती की जगह उन्हें होम आईसोलेशन और प्राईवेट अस्पताल में जाने के लिए कह रहे है. जिनके पास होम आईसोलेशन की सुविधा नहीं है उन्हें प्राईवेट अस्पतालों में भर्ती होने की सलाह दी जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 5:36 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते कोरोना (Corona) के मामलों को लेकर कांग्रेस ने भी दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों के प्रशासनिक प्रबंधन पर असंवेदनशील व्यवहार करने और मरीजों को भर्ती नहीं करने व प्राइवेट अस्पतालों की तरफ मजबूरन रूख कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन कोविड (Covid) मरीजों को दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती की जगह उन्हें होम आईसोलेशन (Home Isolation) और प्राईवेट अस्पताल में जाने के लिए कह रहे हैै. जिनके पास होम आईसोलेशन की सुविधा नहीं है दिल्ली सरकार उन्हें प्राईवेट अस्पतालों में भर्ती होने की सलाह दे रही है, जो एक निर्वाचित सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया हैै.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि अन्य राज्यों सहित दिल्ली में कोरोना के चौथे वेव में प्रतिदिन 10 हजार से भी अधिक पॉजिटिव मामले आ रहे है, जो आप पार्टी (AAP Party) की अरविन्द सरकार (Arvind Government) के अनदेखी के कारण दिल्ली की जनता के लिए घातक साबित हो सकते है.

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चौ. अनिल कुमार ने कहा कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है, इसकी जांच होनी चाहिए.

उन्होंने मांग की कि दिल्ली के गरीब लोगों के लिए तुरंत दिल्ली सरकार अस्पतालों की सुविधाओं और व्यवस्था को दुरस्त करे, क्योंकि बिना रोजगार और अजीविका के अन्य साधनों के गरीब लोग प्राईवेट अस्पतालों में इलाज कराने की स्थिति में नहीं हैं, जबकि इन लोगों को केन्द्र सरकार (Central Government) के अस्पतालों में भर्ती करना असंभव है.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इतनी दुदर्शा है कि 11 अस्पतालों में केवल 36 प्रतिशत बेड ही भरे है. जबकि 113 प्राईवेट अस्पतालों के 68 प्रतिशत बेड भरे है. उसी प्रकार अस्पतालों में वेंटीलेटर लगभग भर रहे है, दिल्ली सरकार के कुल 9 अस्पतालों में 70 प्रतिशत वेंटीलेटर व 76 प्राईवेट अस्पतालों में 79 प्रतिशत वेंटीलेटर भरे हुए है. यह डाटा दिल्ली फाईट कोरोना (Delhi Fight Corona) वेबसाईट पर देखे जा सकते है.



आंकड़ो के अनुसार दिल्ली में कुल बेड में केवल 58 प्रतिशत और कुल वेंटीलेटर में 70 प्रतिशत वेंटीलेटर फुल है. चौ. अनिल कुमार ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि अस्पतालों में दाखिले व वेंटीलेटर की जो जानकारी एप में दिखाई जा रही है, वास्तविकता उससे भी गंभीर है.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि प्रशिक्षित डाक्टरों और नर्सों की भारी कमी के कारण दिल्ली सरकार (Delhi Government) अपने अस्पतालों का बुनियादी तौर पर उपयोग नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन कोरोना वेव में दिल्ली सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह असफल रही है, जबकि आज के समय में स्थिति कही ज्यादा खतरनाक है.

चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके इस दावे कि ‘दिल्ली मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ का हर जगह पालन हो रहा है और स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) बड़े फैसले लेने से पहले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से परामर्श करना चाहिए. उन्होंने कहा कि क्या कोरोना केसों में तेज उछाल की चौथी वेव भी ‘दिल्ली मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ का हिस्सा है?
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