कांग्रेस का केजरीवाल पर हमला, कहा-कोविड लड़ाई में MCD अस्पतालों को भूले, बन सकते हैं मददगार

भाजपा शासित दिल्ली नगर निगमों का कोविड के खिलाफ लड़ाई से दूर रहना जनता से धोखा है.

भाजपा शासित दिल्ली नगर निगमों का कोविड के खिलाफ लड़ाई से दूर रहना जनता से धोखा है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के अस्पतालों को पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया जबकि महामारी के संकट में बेडों की भारी कमी में निगम अस्पतालों की सहायता ली जा सकती थी. परंतु अंहकार के कारण बिना किसी को साथ लिए केजरीवाल कोविड की लड़ाई को अकेले ही लड़ना चाहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 9:51 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि केन्द्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद दिल्ली में भाजपा शासित दिल्ली नगर निगमों का कोविड के खिलाफ लड़ाई से दूर रहना दिल्ली की जनता से धोखा है.

उन्होंने कहा महामारी के संकट में निगमों को आगे बढ़कर निगम अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाना चाहिए था. चौ. अनिल कुमार ने सुझाव दिया कि जिन मरीजों के पास एक-दो कमरे है उनके लिए सामुदायिक सेन्टर, बारात घर अथवा विद्यालयों का उपयोग आइसोलेशन के लिए किया जा सकता है, क्योंकि लोगों की जान बचाना निर्वाचित सरकार की जिम्मेदारी होती है.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि कोविड महामारी पर नियंत्रण की दिशा में अरविन्द सरकार ने वीकेंड पर कर्फ्यू लगाने में सभी जरुरी सेवाओं के लिए ई-पास जारी करने की बात तो समझ में आती है, लेकिन आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने दिल्ली कांग्रेस के दवाब में कुछ शराब के ठेके बंद रखकर कुछ शराब के ठेकों को खोलने की अनुमति समझ से परे है.

उन्होंने कहा कि क्या शराब की दुकानों पर लगने वाली भीड़ से कोरोना संक्रमण का खतरा नही है, या सरकार लोगों की जान पर खेलकर राजस्व कमाना चाहती है या सरकार की नजर में शराब भी जरुरी सेवाओं की सूची में है, केजरीवाल दिल्ली की जनता को जवाब दें.
चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालो में भारी संसाधनों और डाक्टरों नर्सों सहित पेरामेडिकल स्टाफ की कमी के चलते 14 निजी अस्पतालों को अधिक फायदा पहुंचाने की मंशा से कोविड अस्पताल घोषित कर दिया जिनमें पूर्णतः कोविड मरीजों को इलाज होगा.

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के अस्पतालों पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया जबकि महामारी के संकट में बेडों की भारी कमी में निगम अस्पतालों की सहायता ली जा सकती थी. परंतु अंहकार के कारण बिना किसी को साथ लिए केजरीवाल कोविड की लड़ाई को अकेले ही लड़ना चाहते है, जबकि कांग्रेस पार्टी पहले ही कोविड के खिलाफ लड़ने के लिए सर्वदलीय बैठक की मांग कर चुकी है.

कुमार ने कहा कि अरविन्द सरकार के कोरोना एप द्वारा जानकारी से दिल्ली में अस्पतालों की पोल खुल चुकी है. अस्पतालों में बेड, वेंटीलेटर, नही है और स्वास्थ व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. लगातार मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल लोक नायक अस्पताल में एक बेड पर एक से अधिक मरीजों को रखा जा रहा है.



उन्होंने ने कहा कि बिगड़ते संकट में बढ़ती कोरोना सक्रंमितों की संख्या और बढ़ती मृत्यु दर से जहां दिल्ली का दिल दहल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल घोषणा करने के अलावा कोई कारगर कदम उठाने की कार्यवाही करते नजर नही आ रहे हैं.

कुमार ने कहा कि प्लाज्मा बैंक (Plasma Bank) के लिए दिल्ली सरकार विज्ञापनों पर राशि खर्च कर रही है परंतु जब मरीज को प्लाज्मा डोनर खुद ही ढूंढने पड़ रहे है. मतलब केजरीवाल के सभी वादे झूठे साबित हो रहे है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज