कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार से की मांग, कहा- मोहल्ला क्लीनिक में हो कोरोना वैक्सीनेशन, सेंटरों की बढ़े संख्या

दिल्ली‌ कांग्रेस ने टीकाकरण केंद्र की संख्या को बढ़ाने की मांग की है.

दिल्ली‌ कांग्रेस ने टीकाकरण केंद्र की संख्या को बढ़ाने की मांग की है.

दिल्ली‌ कांग्रेस ने कहा कि टीकाकरण केंद्र की संख्या को बढ़ाने की जरूरत है. वर्तमान में दिल्ली में मात्र 675 केंद्र है जिसमें 132 निजी व 535 सरकारी केंद्र है. दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लिनिक (Mohalla Clinic) जो इस वैश्विक महामारी में भी दिल्ली के लिए किसी काम के नहीं हैं, उन्हें उपयोग में लाया जा सकता है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में आज से तीसरे चरण का  कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान शुरू हो गया है. लेकिन अभी पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं होने की वजह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) लोगों से वैक्सीन सेंटर पर भीड़ नहीं लगाने की अपील कर रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) से मांग की है कि वैक्सीनेशन में शहरी गरीबों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि कोरोना संक्रमण का सबसे अधिक खतरा शहरी गरीबों को है. अधिकांश परिवार एक दो कमरों के मकानों में रहते है, उन्हें रोजी रोटी के लिए घर से बाहर निकलना पड़ता है. ऐसे में उन्हें टीकाकरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में 18 वर्ष से उपर के लोगों का टीकाकरण आने वाले समय में शुरू होने की संभावना है हालांकि यह कार्य 1 मई से शुरू होना था लेकिन टीके उपलब्ध नहीं होने के कारण शुरू नहीं हो सका.

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि टीकाकरण केंद्र की संख्या को बढ़ाने की जरूरत है. वर्तमान में दिल्ली में मात्र 675 केंद्र है जिसमें 132 निजी व 535 सरकारी केंद्र है. दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लिनिक (Mohalla Clinic) जो इस वैश्विक महामारी में भी दिल्ली के लिए किसी काम के नहीं हैं, उन्हें उपयोग में लाया जा सकता है.
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों से मुफ्त टीकाकरण का वादा कर मुकर गए. अब तक हुए 45 वर्षों से उपर के टीकाकरण में निजी केंद्रों पर महामारी, बेरोजगारी का आर्थिक मार झेल रही दिल्ली ने अपने जेब से पैसे खर्च किये. लेकिन कांग्रेस के लागातार दवाब व प्रयास का नतीजा है कि अब केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने मुफ़्त टीकाकरण की घोषणा की.

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में चुनाव आयोग के अनुसार 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले वोटर की संख्या जनवरी 2020 के अनुसार लगभग 1.47 करोड़ है, बड़ी संख्या में पलायन कर लोग दिल्ली में रह रहे ऐसे भी लोग है जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है. लेकिन अब तक मात्र 25.8 लाख को एक डोज व 6.9 लाख को ही दूसरा डोज लगा है.

मुख्यमंत्री ने दोनों भारतीय टीका कंपनियों को मात्र 67 लाख -67 लाख डोज टीके का ही आदेश दिया है. इसका मतलब है कि एक अनुमान के अनुसार लगभग 60 से 70 लाख दिल्लीवासियों को टीका लगाने की अब भी केजरीवाल सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई है.



चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि टीका केंद्र पर भीड़ की वजह से संक्रमण फैल सकता है. इसलिए भी जरूरी है कि प्रार्थमिकता तय हो. उन्होंने राशनकार्ड धारियों, झुग्गी झोपड़ी, ऑटो चालक, लेबर कार्ड धारियों को शहरी गरीब बताया. उन्होंने कहा कि कोरोना के दिल्ली में चौथी लहर है. टीकाकरण से संक्रमण से होने हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर दवाब कम होगा. साथ ही आगामी लहर में भी नियंत्रण में रहेगा.

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खविंदर सिंह कैप्टन का कहना है कि कोरोना वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर लगने वाली भीड़ से कोरोना का और बड़ा विस्फोट होगा. ऐसे में सरकार को दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों में भी कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर बनाने की अनुमति देनी चाहिए. इससे जहां दिल्ली में लोगों को ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेट किया जा सकेगा. वहीं कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी बड़ी मदद मिल सकेगी. दिल्ली सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है.
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