कांग्रेस की केजरीवाल सरकार से मांग-कोविड प्रभावित हर परिवार को मिले 10 हजार की मदद, महामारी में ठप हुआ रोजगार

केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे दिल्लीवासियों के हित में अभी तक कोई कारगर योजना नही बनाई है.

केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे दिल्लीवासियों के हित में अभी तक कोई कारगर योजना नही बनाई है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कृष्णा तीरथ ने केजरीवाल सरकार से मांग की कि दुकानदारों व मजदूरों को आर्थिक पैकेज दिया जाए. दिल्लीवासियों तथा आर्थिक सहायता के रुप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह उनके खाते में डाले जायें.

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नई दिल्ली. पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कृष्णा तीरथ (Kirshna Tirath) ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) कोविड महामारी में दिन प्रतिदिन नई-नई खोखली घोषणाएं करके राजनीतिक खेल खेल रहे हैं जबकि कोविड (Covid) के कारण पूरी दिल्ली बेहाल है.

तीरथ ने कहा कि केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने लॉकडाउन (Lockdown) के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे दिल्लीवासियों के हित में अभी तक कोई कारगर योजना नही बनाई है.

कृष्णा तीरथ ने कहा कि पूरी दिल्ली में लॉकडाउन लगाने से बेहतर होगा कि जहां केस ज्यादा हैं, वहां अधिक से अधिक कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं ताकि कोविड संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके तथा दिल्ली में व्यवसायिक और आर्थिक गतिविधियां सामान्य रुप से चल सकें.
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से जहां एक ओर श्रमिक आर्थिक संकट के कारण दिल्ली छोड़ रहे है. वहीं व्यापारी वर्ग, छोटे-बड़े उघोग, दुकानदार के मालिक और इनमें कर्मचारियों की अजीविका भी प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगाने से बेहतर है अनलॉक (Unlock) प्रक्रिया में कंटेन्मेंट जोन के आधार पर बाजारों का संचालन हो ताकि किसी भी व्यापारी अथवा मजदूर की अजीविका प्रभावित न हो.

तीरथ ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल द्वारा 31 मई से अनलॉक प्रक्रिया में इंडस्ट्रियल एरिया में चार दीवारी में मेन्युफक्चरिंग और प्रोडक्शन यूनिट चलाने की इजाजत के साथ मजदूरां के लिए कंस्ट्रक्शन साईट पर निर्माण कार्य करने की इजाजत तो दी गई है. परंतु क्या वह बता सकते है कि लॉकडाउन के पूरे कार्यकाल में एक दिन भी सेन्ट्रल विस्ता प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रुका है, यदि नही तो क्यो?

पूर्व मंत्री ने केजरीवाल सरकार से मांग की कि दुकानदारों व मजदूरों को आर्थिक पैकेज दिया जाए. दिल्लीवासियों तथा आर्थिक सहायता के रुप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह उनके खाते में डाले जायें.



उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि दिल्ली सरकार निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने की योजना बना रही है, परंतु क्या निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों में लगे श्रमिकों को वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए टीककारण की कोई योजना बनाई है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कैसे कच्चे माल की दुकानें बंद रहने पर औद्योगिक गतिविधियां निर्माण कार्य कैसे करेंगे?

कोरोना की तरह तेजी‌ से फेल रहा ब्लैक फंगसउन्होंने कहा कि दिल्ली में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के 773 केस है जबकि कल एक दिन में 153 केस सामने आए. मतलब ब्लैक फंगस धीरे-धीरे कोविड-19 (Covid-19) की तरह अपने पैर पसार रहा है और केजरीवाल कोराेना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कमी की भांति ब्लैक फंगस की दवाई की कमी की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ना चाहते है.

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