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कांग्रेस ने दिल्‍ली में होने वाली 'भारत बचाओ रैली' को हिट कराने के लिए प्रदेश अध्‍यक्षों को दिया ये टारगेट

Ranjeeta Jha | News18Hindi
Updated: December 4, 2019, 6:13 PM IST
कांग्रेस ने दिल्‍ली में होने वाली 'भारत बचाओ रैली' को हिट कराने के लिए प्रदेश अध्‍यक्षों को दिया ये टारगेट
अध्‍यक्ष बनने के बाद पहली रैली करेंगी सोनिया गांधी.

दिल्‍ली के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में 14 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस (Congress) की 'भारत बचाओ रैली' को हिट कराने के लिए पार्टी ने सभी प्रदेश अध्‍यक्षों को खास टारगेट दिया है. जबकि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के नेतृत्‍व में होनी वाली इस रैली के लिए सोशल मीडिया पर भी पूरा फोकस किया जा रहा है.

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  • Last Updated: December 4, 2019, 6:13 PM IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में 14 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस (Congress) की 'भारत बचाओ रैली' को हिट कराने को लेकर पार्टी हर मोर्चे पर काम कर रही है. एक तरफ जहां पार्टी ने रैली में भीड़ जुटाने के लिए सभी प्रदेश के अध्यक्षों को टारगेट दे दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ रैली के स्लोगन से लेकर सोशल मीडिया पर किस तरह इस रैली से आम जनता को जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव ( Delhi Assembly Elections) हैं, ऐसे में जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस रैली के जरिए खुद को दिल्ली में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और बीजेपी (BJP) की लड़ाई में बेहतर विकल्प के रूप में दिखाने की कोशिश कर रही है. जबकि यह रैली कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के नेतृत्‍व में होगी.

पहली बार रैली करेंगी सानिया गांधी
सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बने तीन महीने से ज्यादा हो गया, लेकिन अब तक उन्‍होंने किसी रैली या जनसभा को संबोधित नहीं किया है. ऐसे में 14 दिसम्बर की रैली कांग्रेस के लिए इस मायने में भी खास है कि जब रामलीला मैदान में सोनिया गांधी मोदी सरकार के खिलाफ हमला बोलेंगी,तो इस संदेश को लेकर हर कांग्रेसी अपने प्रदेश में जाकर पार्टी के लिए काम करेगा. इस बाबत कांग्रेस में तैयारी कर ली है. कांग्रेस का अनुमान है कि इस रैली में 3-4 लाख तक की भीड़ आ सकती है.

रैली को हिट कराने का फॉर्मूला

>>रैली में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी चार प्रदेश दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के प्रदेश अध्यक्षों को दी गयी है.
>> इन चारों राज्यों के जिला अध्यक्षों को प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से भीड़ लाने का टारगेट दिया गया है.
>>दिल्ली में हर ब्लॉक प्रेसिडेंट को टारगेट दिया गया है.>> बाकी राज्यों के पीसीसी को अपने-अपने राज्य से ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में लोग लाने को कहा गया है.
>>राज्यों के PCC सदस्य, DCC सदस्य और ब्लॉक के सदस्‍यों को भी रैली में आने को कहा गया है.
>>उत्तराखंड को दिल्ली की रैली के लिए दस हजार लोग लाने को कहा गया है.
>>सभी राज्यों के प्रभारियों को दिल्ली आने वाले लोगों के ठहरने और खाने-पीने का इंतज़ाम करने को कहा गया है.
>>ट्रेन और बस की बुकिंग और लोगों को लाने और ले जाने की ज़िम्मेदारी PCC (प्रदेश कमिटी ) की होगी.
>>किस राज्य से कितने लोग रैली में आएंगे, इसकी अनुमानित जानकारी संगठन महासचिव को प्रभारी पहले देंगे.
>>कांग्रेस ने भीड़ के साथ ही स्लोगन पर भी काम किया है. रैली से पहले इसके प्रचार के लिए पूरे दिल्ली में होर्डिंग और पोस्टर लगाए जाएंगे.
>>कांग्रेस गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, महिला हिंसा इन तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है, जिसके तहत स्लोगन भी पार्टी ने तैयार किया है 'मोदी है तो मंदी है'.

इसके अलावा बताया जा रहा है कि रैली में सभी कांग्रेस शासित प्रदेश के मुख्‍यमंत्री, सभी वरिष्ठ नेता और सभी राज्यों के प्रभारियों को मंच पर जगह दी जाएगी. कोशिश होगी कि सभी राज्यों के सीएम का भाषण भी 10 मिनट का किया जाए, ताकि सरकार के खिलाफ के माहौल दिल्ली में तैयार हो.

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First published: December 4, 2019, 6:02 PM IST
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