कांग्रेस नेता अलका लांबा बोलीं-UP के एडीजी ने हाथरस रेप कांड में दिया गलत बयान, अब इस्तीफा दें

कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने यूपी के एडीजी पर निशाना साधा है.
कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने यूपी के एडीजी पर निशाना साधा है.

कांग्रेस नेता अलका लांबा (Alka Lamba) ने उत्तर प्रदेश (UP) के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर (ADG Law and Order) पर हाथरस रेप मामले में सरकार के इशारे पर वह बयान देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि एडीजी को अपने पद से इस्तीफा (Resignation) देना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 2:37 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता अलका लांबा (Alka Lamba) ने उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर (ADG Law and Order) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि एडीजी हो या उत्तर प्रदेश सरकार का कोई अधिकारी सभी लोग वही बयान दे रह हैं जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) चाहते हैं. आज कह रहे हैं कि रेप (Rape) नहीं हुआ जब 10 दिन के बाद टेस्ट कर आएंगे तो सीमन कहां से मिलेगा. सीमन का मिलना ना मिलना कानून में लिखा हुआ है, लेकिन जब पीड़िता कह रही है कि रेप हुआ है तो उसकी बात को क्यों अनसुना किया जा रहा है.

लांबा ने कहा कि यह पुलिस-प्रशासन की नाकामी है. जब पीड़िता की पहले सुनवाई नहीं हुई और 10 दिन के बाद सुनवाई की जाएगी तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है. यूपी सरकार हर तरीके से इस मामले को दबाना चाहती है. पुलिस ने पीड़िता के परिवार को बंदी बना लिया है उनको किसी से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है. यह कहां का इंसाफ है. परिवार की इच्छा के बिना पीड़िता का पुलिस ने दाह संस्कार कर दिया.

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एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पर गैर जिम्मेदाराना बयान - अलका
जिस तरह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की ओर से गैर जिम्मेदाराना बयान दिया जा रहा है, उनको तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. अलका ने कहा कि दलितों और गरीबों की सुनवाई आज भी थाने में नहीं है. इसी का नतीजा है कि हाथरस की बेटी अब हमारे बीच में नहीं है.

यूपी में जिस तरीके का राज चल रहा है वह सबके सामने है. कल जिस तरीके से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने परिवार से मिलने की कोशिश की उनको मिलने नहीं दिया गया, यहां तक कि निर्भया केस की वकील सीमा कुशवाहा तक को परिवार से नहीं मिलने दिया जा रहा है. आखिर क्यों ऐसा किया जा रहा है? क्यों परिवार से नहीं मिलने दिया जा रहा?

पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हाथरस की बेटी के दोषियों के साथ खड़े हैं, क्योंकि वह उनकी जाति से आते हैं. हम जानना चाहते हैं कि क्या कारण है कि बेटी के बयान को नकार दिया गया. परिवार को बंदी बना लिया गया और रातों-रात बेटी का दाह संस्कार कर दिया गया. लांबा ने कहा कि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने मर्यादा को तार-तार करने वाला बयान दिया है. इसलिए उनको तत्कालअपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. लांबा ने कहा कि सबसे शर्म की बात तो यह है कि वहां के डीएम का बयान जिस तरीके से आया कि कोरोना से मर जाती तो कुछ नहीं मिलता. यह इतना असंवेदनशील बयान है कि इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.
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