किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने चलाया 'बोलो भारत कैम्पेन', Twitter पर कर रहा ट्रेंड

कांग्रेस ने किसानों के लिए सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया है.  (सांकेतिक तस्वीर- AP)

कांग्रेस ने किसानों के लिए सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया है. (सांकेतिक तस्वीर- AP)

किसानों की आठवें दौर की बातचीत शुरू हुई तो उसी बीच कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने 'बोले भारत' कैंपेन के जरिए #किसानकेलिएबोलेभारत ट्विटर और फेसबुक (Facebook) पर अभियान शुरू कर दिया. इस कैंपेन को खासा समर्थन भी मिला और यह ट्विटर पर नंबर एक पर ट्रेंड कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:33 PM IST
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दिल्ली. कांग्रेस ने किसान आंदोलन (Farmer Protest) को लेकर केंद्र सरकार को अलग अंदाज में घेरने की रणनीति तैयार की है. किसान आंदोलन केंद्र सरकार से कई दौर की बातचीत के बाद भी खत्म नहीं हुआ है. इसी को लेकर कांग्रेस (Congress) ने सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से सरकार को टारगेट पर लेना शुरू किया है. किसानों के ट्रैक्टर रैली के बाद आज जब सरकार के साथ किसानों की आठवें दौर की बातचीत शुरू हुई तो उसी बीच कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने 'बोले भारत' कैंपेन के जरिए #किसानकेलिएबोलेभारत ट्विटर और फेसबुक पर अभियान शुरू कर दिया. इस कैंपेन को खासा समर्थन भी मिला और यह ट्विटर पर नंबर एक पर ट्रेंड कर रहा है.

इस कैम्पेन के साथ राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा है. उन्होंने लिखा ' मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों के फ़ायदे के लिए देश के अन्नदाता के साथ विश्वासघात किया है.' आंदोलन के माध्यम से किसान अपनी बात कह चुके हैं. अन्नदाताओं की आवाज़ उठाना और उनकी माँगों का समर्थन करना हम सब का कर्तव्य है.'

काफी दिनों से चल रही थी कांग्रेस की तैयारीरोहन गुप्ता की अगुवाई वाली सोशल मीडिया टीम कई दिनों से इसकी तैयारियों में जुटी हुई थी . किसानों और नेताओं के वीडियो संदेश के जरिए इसमें किसानों के पक्ष की बातें कही जा रही हैं. इस कैंपेन की मॉनिटरिंग कर रहे नेशनल कन्वीनर सरल पटेल ने बताया कि हमारे इस कैंपेन को भारी जनसमर्थन मिल रहा है मौजूदा सरकार के प्रति किसानों ने गहरे असंतोष और अविश्वास की भावना है. इसके माध्यम से हमने किसानों की आवाज के साथ अपनी आवाज उठाई है.नेशनल कन्वीनर रुचिरा चतुर्वेदी का कहना है कि, इस सरकार के पिछले सभी वादे उठाकर देख लीजिए यह कभी अपने वादे पर खरी नहीं उतरती है. आखिर किसान इन का भरोसा कैसे करें ? यह कैंपेन इन्हीं सब बातों का आइना है. कांग्रेस की हालत आज किसी से छिपी नहीं है. पार्टी अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है . इस वक्त कांग्रेस के लिए उसका सोशल मीडिया विभाग सबसे महत्वपूर्ण और कारगर साबित हो रहा है. कम से कम यह विभाग सोशल मीडिया पर जनता का समर्थन जुटाने में कामयाब रहा है.प्रियंका गांधी के साथ अजय कुमार लल्लू की अगुवाई वाली यूपी कांग्रेस की सोशल मीडिया भी इस कैंपेन में जोर शोर से लगी है. लगातार किसानों और प्रदेशवासियों की आवाज मुखरता से उठा रही है.यूपी कांग्रेस ने ट्वीट कर भी सरकार पर हमला बोला. उसने लिखा ' भाजपा किसानों पर काला कानून थोपकर पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनाना चाहती है.' 60 से अधिक किसानों ने शहादत दे दी. 45 दिन से अधिक आंदोलन को हो गए कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है. सरकार को इन काले कानूनों को वापस लेना होगा.'

स्टेट कोऑर्डिनेटर अनुज शुक्ला ने इस अभियान की तैयारियों के बारे में कहा कि , सरकार का किसानों के प्रति रवैया किसी से छिपा नहीं है 60 से ज्यादा किसानों की मौत हो गई है। और सरकार अपने अड़ियल रवैया से बाज नहीं आ रही है। इन्हीं सब बातों को हम किसानों के लिए अपने प्लेटफार्म से उठा रहे हैं. स्टेट कोऑर्डिनेटर बुंदेलखंड इंचार्ज रनीश जैन के मुताबिक बुंदेलखंड का किसान सर्वाधिक दुर्दशा का शिकार है और यह तीन काले कानून किसानों को और गर्त में ले जाएंगे बाढ़ सूखा से जूझ रहे किसानों के लिए यह सरकार और फंदे तैयार कर रही है .
बहरहाल किसानों के आंदोलन में किसानों ने राजनीतिक दलों के नेताओं को अपने मंच पर जगह भले ही न दी हो, लेकिन राजनीतिक दल डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से ही सही किसानों के साथ खड़े होने का दावा कर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं.
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