निर्भया के दोषी का नया पैंतरा, फांसी से तीन दिन पहले अक्षय ने लगाई दया याचिका
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निर्भया के दोषी का नया पैंतरा, फांसी से तीन दिन पहले अक्षय ने लगाई दया याचिका
निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता द्वारा दायर क्यूरेटिव पिटीशन पर जस्टिस एन.वी.रमना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी.

निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता द्वारा दायर क्यूरेटिव पिटीशन पर जस्टिस एन.वी.रमना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी.

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  • Last Updated: February 29, 2020, 6:27 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में साल 2012 में हुए बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) में फांसी की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे आरोपी नए दांव आजमा रहे हैं. चारो दोषियों में एक अक्षय (Akshay) ने एक बार फिर दया याचिका (Mercy Plea) दायर की. इस दया याचिका में दोषी अक्षय ने दावा किया है उसकी पहले दायर की गई दया याचिका जो ​खारिज कर दी गई थी, उसमें सभी तथ्य नहीं थे.

बता दें कि 3 मार्च को निर्भया के चारों दोषियों को फांसी होनी है.





दोषी पवन की क्यूरेटिव पिटीशन पर सोमवार को सुनवाई
वहीं, दोषी पवन की सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई क्यूरेटिव पिटीशन पर जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी. इस पीठ में जस्टिस रमन्ना के अलावा जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस नरीमन, जस्टिस भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं.

बता दें, दिल्ली गैंगरेप मामले के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को एक क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी. पवन ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है.



क्या है निर्भया गैंगरेप मामला?
ये मामला दिसंबर 2012 का है. जब चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया था. इस दौरान सभी ने मिलकर उसके साथ क्रूरतम व्यवहार किया था और उसे घायल अवस्था में मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया था. घटना के कुछ दिनों बाद 'निर्भया' की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

इस मामले में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2014 को चारों दोषियों की अपील भी खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने वर्ष 2017 में दोषियों की याचिका खारिज कर दी थी. हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया.

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First published: February 29, 2020, 4:09 PM IST
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