Delhi Corona News: JNU कैंपस में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रशासन ने छात्रों को दी यह हिदायत

जेएनयू कैंपस में तकरीबन 80 छात्र और स्टॉफ कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

जेएनयू कैंपस में तकरीबन 80 छात्र और स्टॉफ कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

Corona Exploded in JNU: पिछले चार-पांच दिनों में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के कई छात्र और स्टॉफ कोरोना वायरस के चपेट में आ गए हैं. सोमवार तक जेएनयू के 74 से भी ज्यादा स्टूडेंट और स्टॉफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 9:12 PM IST
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नई दिल्ली. देश और दुनिया के नामी संस्थानों में शुमार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) ने जबर्दस्त तरीके से दस्तक दी है. पिछले चार-पांच दिनों में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कई छात्र और स्टाफ (Students and Staff) कोरोना वायरस के चपेट में आ गए हैं. सोमवार तक जेएनयू के 74 से भी ज्यादा स्टूडेंट और स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर के मुताबिक, तकरीबन एक दर्जन से भी ज्यादा स्टाफ और 60 से भी ज्यादा स्टूडेंट्स कोरोना वायरस के चपेट में आ गए हैं. इन संक्रमित छात्रों और स्टाफ को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिसमें चार की हालत चिंताजनक बताई जा रही है. कई छात्रों को दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर मौजूद क्वाराइंटिन सेंटर्स में भी रखा गया है.

इधर कोरोना के बढ़ते संक्रमण से परेशान जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को हॉस्टल खाली करने की सलाह दी है. कोरोना के ताजा आंकड़े देखने के बाद अब जेएनयू प्रशासन ने हॉस्टल, मेस और लाइब्रेरी में वायरस तेजी से फैलने के आशंका के बीच छात्रों को सलाह दी है कि वे संभव हो सके तो अपने घरों को लौट जाएं. इसके पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि इससे छात्र परिवार के पास भी रहेंगे और सुरक्षित भी रहेंगे. साथ ही कोविड-19 के प्रसार में रोक लगेगी.

Covid 19 Second Wave
जेएनयू में कोरोना के बढ़ते मामले के बीच प्रशासन ने कोविड-19 रिस्पॉन्स कमिटी बनाई है.


कोविड-19 रिस्पॉन्स कमिटी का गठन
बता दें कि जेएनयू में कोरोना के बढ़ते मामले के बीच प्रशासन ने कोविड-19 रिस्पॉन्स कमिटी बनाई है. इस कमिटी में 9 लोग हैं और रजिस्ट्रार इसके चेयरपर्सन हैं. कमिटी लगातार स्टूडेंट और स्टाफ से संपर्क कर कोरोना की हालात की समीक्षा कर रहा है. संक्रमित छात्रों को इलाज के साथ और भी जरूरी व्यवस्थाओं का भी ख्याल यह कमिटी रख रही है.

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बता दें कि पिछले साल मार्च से दो दिन पहले तक कैंपस में 322 कोरोना के मामले सामने आए थे, लेकिन अब अचानक ही इसमें उछाल देखने को मिल रहा है. अभी तक कोरोना से यहां पांच लोगों की मौत हो चुकी है. जेएनयू में 4 हजार से भी ज्यादा स्टूडेंट और स्टाफ काम करते हैं. इनमें अधिकांश कैंपस के अंदर ही रहते हैं. जेएनयू कैंपस के अंदर छात्र, प्रोफेसर, टैक्निशियन और गार्ड की संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाकियों पर भी संक्रमण का खतरा ने मंडराए इसलिए छात्रों को घर जाने की सलाह दी है.
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