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Covid First and Second Wave: अब तक देश में 125 कोरोना वॉरियर नर्सों की हुई मौत, ज्‍यादातर महिलाएं शामिल

भारत में कोरोना से अभी तक 125 नर्सेज की मौत. (File pic AP)

भारत में कोरोना से अभी तक 125 नर्सेज की मौत. (File pic AP)

ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से मिले आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी तक कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान 125 नर्सों की कोविड ड्यूटी के दौरान बीमारी की चपेट में आने से मौत हुई है. मृतक नर्सों में अधिकांश महिलाएं हैं.

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नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी से मची तबाही की चपेट में सिर्फ आम जन ही नहीं बल्कि लोगों को इस बीमारी से बचाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) भी आए हैं. कोरोना मरीजों के सबसे करीब रहने वाली नर्स (Nurse) और नर्सिंग ऑफीसर (Nursing Officers) भी देश में बड़ी संख्‍या में मारे गए हैं. ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) की तरफ से मिले आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी तक 125 नर्सेज की कोरोना से मौत हुई है. इनमें अधिकांश महिलाएं (Women) हैं.

टीएनएआई की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना की पहली लहर में देश के कई राज्‍यों में 62 नर्सेज की मौत (Death of Nurses) हुई थी जबकि कोविड की दूसरी लहर (Covid Second Wave) में 63 नर्स और नर्सिंग ऑफीसर अपनी जान गंवा चुके हैं. जहां तक सबसे ज्‍यादा मौतों की बात है तो उत्‍तर प्रदेश में दोनों लहरों के दौरान सबसे ज्‍यादा 17 नर्सों की कोरोना से मृत्‍यु हुई है.

वहीं महाराष्‍ट्र में 14, आंध्र प्रदेश में 12, कर्नाटक में 11, दिल्‍ली में 10, गुजरात में 9, पश्चिम बंगाल में 8 और ओडीसा में पांच स्‍टाफ नर्स अपनी जान गंवा चुकी हैं. इनके अलावा राजस्‍थान, असम, तेलंगाना, हैदराबाद, तमिलनाडू, केरल, मध्‍य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश मेघालय और विशाखापट्टनम आदि राज्‍यों में नर्सों की कोरोना से मौत हुई है.

मरने वालों में स्‍टाफ नर्स से लेकर जीएनएम, नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट तक शामिल 

टीएनएआई की सेक्रेटरी जनरल एवलिन पी कन्‍नन ने बताया कि यह डाटा सिर्फ उन नर्सों का है जो एसोसिएशन के पास रजिस्‍टर्ड हैं और जो कोरोना होने के बाद अस्‍पतालों में भर्ती हुए और वहीं दम तोड़ दिया. ऐसा भी हो सकता है कि कुछ नर्सेज जो अस्‍पतालों में भर्ती नहीं हुए या इस सूची में शामिल न हों. ऐसे में कोरोना से मरने वाले नर्सिंग स्‍टाफ की संख्‍या इससे ज्‍यादा भी हो सकती है.

इनमें स्‍टाफ नर्स से लेकर नर्सिंग ऑफीसर, हेड नर्स, सिस्‍टर ग्रेड वन और टू, जीएनएम, एएनएम, सिस्‍टर इन्‍चार्ज, इन्‍चार्ज प्रिंसिपल, नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट सभी  शामिल हैं.

नर्सों के साथ साथ उनके परिवार भी आए चपेट में 

वहीं एम्‍स नर्सेज यूनियन के अध्‍यक्ष हरीश काजला कहते हैं कि देशभर में कोरोना वॉरियर्स और डॉक्‍टर्स की मौत को लेकर संख्‍या पर बात हो रही है लेकिन ये भी सच है कि बड़ी संख्‍या में नर्सिंग स्‍टाफ भी कोरोना की चपेट में आया है. इतना ही नहीं कोरोना मरीजों का वार्ड हो या अन्‍य सामान्‍य वार्ड नर्सों के ऊपर काम का प्रेशर भी बढ़ा है साथ ही मरीजों के साथ सीधे और लगातार लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण इनके कोरोना की चपेट में आने की संभावना भी बढ़ी है.

इतना ही नहीं दूसरी लहर के दौरान देशभर में कई मामले ऐसे भी हुए हैं जब नर्सिंग स्‍टाफ के पूरे के पूरे परिवार कोरोना की चपेट में आ गए. हरीश कहते हैं कि नर्सिंग स्‍टाफ पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहा है ऐसे में जरूरी है कि सभी के वैक्‍सीनेशन के साथ ही इनके परिजनों की सुरक्षा पर भी ध्‍यान दिया जाए. साथ ही इन्‍हें कोविड शहीद भी माना जाए.

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