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Cyber fraud : मदद के लिए वायरल हुए मोबाइल नंबरों पर न करें ब्लाइंड फेथ, लग सकता है चूना

Cyber fraud : मदद के लिए वायरल हुए मोबाइल नंबरों पर न करें ब्लाइंड फेथ, लग सकता है चूना

जीवनरक्षक दवा के नाम पर शुरू हो गई है साइबर ठगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

जीवनरक्षक दवा के नाम पर शुरू हो गई है साइबर ठगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

फिलहाल मदद के नाम पर सोशल मीडिया पर कई नंबर वायरल हो रहे हैं. इन नंबरों पर आंख मूंद कर भरोसा न करें. किसी दवा के नाम पर भुगतान करने से पहले शख्स के बारे में पूरी छानबीन कर लें.

नई दिल्ली. 'मेरे घर में 6 लोगों की हालत कोरोना की वजह से बहुत ही खराब हो रही है, इलाज के लिए डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए बोला है, क्या आप इंजेक्शन की व्यवस्था करवा सकते हैं, आज जो भी रकम मांगेंगे, वो मैं देने के लिए तैयार हूं...' ये दर्द और परेशानी है दिल्ली स्थित पश्चिम विहार में रहनेवाले आशीष चावला की. वे अपने परिवार को बचाने के लिए रेमडेसेविर इंजेक्शन की डोज के लिए कई अस्पतालों और दवा दुकानों में घूमने के बाद भी नहीं मिलने पर सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर वायरल मोबाइल नंबर पर एक शख्स से बातचीत कर रहे थे, दूसरा शख्स अपने आप को सिप्ला कंपनी का थोक विक्रेता और कंपनी का अधिकारी बता रहा था. इसी परेशानी की वजह से बिना मुलाकात किए ही आशीष ने उस आरोपी अजय अग्रवाल को करीब 79 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया. उसके बाद भी उन्हें दवा नहीं मिल पाई. बल्कि उस शख्स ने दोबारा कभी फोन नहीं उठाया. एक ओर घर के 6 लोगों की बीमारी से परेशान आशीष अब दूसरी तरफ आर्थिक नुकसान की भी पीड़ा झेल रहे हैं.

रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मुंहमांगी रकम देने को मजबूर

हर तरफ रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर हाय-तौबा मची हुई है. जिसे देखो वह उसे लेने के लिए मुंहमांगी कीमत देने के लिए तैयार है. लेकिन इसी का फायदा राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में कई अपराधी उठा रहे हैं. खासतौर पर साइबर क्राइम के मामले को अंजाम देने वाले अपराधी. हालांकि अब दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अन्य राज्यों की पुलिस भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए काफी सतर्कता से तफ्तीश में जुट गई है. ताकि ऐसे अपराध पर रोक लगाई जा सके.

पुलिस कर रही है पड़ताल

दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच में एक मामला सामने आया है कि इस कोरोना संक्रमण काल में सोशल मीडिया पर कई मोबाइल नंबर और हेल्पलाइन नंबर रोजाना वायरल हो रहे हैं. इनमें से कई मोबाइल नंबर ऐसे भी हैं जो साइबर अपराधियों के हैं. अजय अग्रवाल नाम के एक आरोपी ने तो लोगों को चकमा देने के लिए अपना बैंक अकाउंट भी उसी कंपनी से मिलता-जुलता रखा है. हालांकि अब इस मामले की तफ्तीस साइबर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीम करेगी. इस तरह के मामले पर आउटर दिल्ली जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमलोग इस तरह के मामले पर ध्यान रखते हुए पिछले कुछ दिनों के दौरान कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाले हैं. हमलोग मेडिकल और दवा के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले अपराधियों के गैंग तक पहुंचने में जुटे हुए हैं.

Tags: Cyber Fraud, Oxygen Crisis, Remdesivir, Social media

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