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निजामुद्दीन मामला: मरकज़ का दावा- 17 वाहनों के लिए मांगा था कर्फ्यू पास, नोटिस का भी दिया था जवाब
Delhi-Ncr News in Hindi

एहतेशाम खान | News18Hindi
Updated: March 31, 2020, 10:00 AM IST
निजामुद्दीन मामला: मरकज़ का दावा- 17 वाहनों के लिए मांगा था कर्फ्यू पास, नोटिस का भी दिया था जवाब
दिल्ली में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है.

मरकज़ का कहना है कि 24 मार्च से लगातार हम पुलिस और प्रशासन के संपर्क में हैं. मरकज़ से लोगों को बाहर निकालने के लिए कर्फ्यू पास की मांग कर रहे थे.

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  • Last Updated: March 31, 2020, 10:00 AM IST
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नई दिल्ली. मरकज़ (Markaz) में विदेशियों सहित एक हज़ार लोगों के रुकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अब मरकज़ की ओर से इस पूरे मामले पर जो बयान जारी हुआ है वो दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और प्रशासन को ही कठघरे में खड़ा करता है. मरकज़ का कहना है कि 24 मार्च से लगातार हम पुलिस और प्रशासन के संपर्क में हैं. मरकज़ से लोगों को बाहर निकालने के लिए कर्फ्यू पास की मांग कर रहे थे. 28 मार्च को एसडीएम और डब्ल्यूएचओ (WHO) की टीम कुछ लोगों को जांच के लिए भी ले गई थी. इससे पहले 6 लोगों को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. हालांकि, इसके बाद भी हमने दिल्ली और उसके आसपास रहने वाले 1500 लोगों को उनके घर भेज दिया था.

मरकज़ के वकील फुजैल अय्यूबी का कहना है कि मकरज़ की ओर से एसडीएम को कर्फ्यू पास के लिए लेटर लिखा गया था. 17 गाड़ियों के लिए पास की मांग की गई थी, जिससे की दूर रहने वाले लोगों को उनके घरों तक भेजा जा सके. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के चलते और उसके बाद लॉकडाउन के चलते कहीं भी निकलना मुश्किल हो गया था. ट्रेन तक बंद हो चुकी थीं, ऐसे में दूर रहने वालों को भेजना मुश्किल था. 26 मार्च को हमे एसडीएम दफ्तर बुलाया गया और डीएम से भी बात कराई गई.

'25 मार्च को तहसीलदार और मेडिकल टीम ने की थी जांच'
एडवोकेट अय्यूबी का कहना है कि 25 मार्च को तहसीलदार और एक मेडिकल टीम मरकज़ में आई थी. उन्होंने लोगों की जांच की थी. 27 मार्च को 6 लोगों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. 28 मार्च को एसडीएम और डब्ल्यूएचओ की टीम 33 लोगों को जांच के लिए ले गई. उन्हें राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में रखा गया.



फंसा रहा मामला


एडवोकेट अय्यूबी के अनुसार वो 24 मार्च को एसएचओ निज़ामुद्दीन ने उन्हें धारा 144 के उल्लघंन का नोटिस भेजा था, जिस पर हमने उन्हें उसी दिन जवाब देते हुए बताया कि मरकज़ को बंद कर दिया गया है. 1500 लोगों को उनके घर भेजने की जानकारी भी दे दी. साथ ही यह भी बता दिया कि जो एक हजार लोग बच गए हैं, वे दूर-दराज के रहने वाले हैं. उन्हें भेजना मुश्किल है. उनमें कुछ विदेशी भी हैं. 28 मार्च को एसीपी लाजपत नगर का नोटिस आया. उन्होंने कहा कि मरकज गाइडलाइंस का उल्लघंन कर रहा है. बकौल अय्यूबी, उन्‍होंने इसका भी जवाब उन्‍हें भेज दिया.

 

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First published: March 31, 2020, 9:37 AM IST
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