कोरोना की थर्ड वेव की आशंका, इन अस्पतालों में तैयार हो रहे चाइल्‍ड केयर भवन, इनमें बेड्स भी बढ़ेंगे!

मौजूदा अस्पतालों को रिमॉडलिंग के तहत तैयार कराने का काम भी किया जा रहा है.

मौजूदा अस्पतालों को रिमॉडलिंग के तहत तैयार कराने का काम भी किया जा रहा है.

कोविड-19 मरीजों का बड़े स्तर पर इलाज करने वाले LNJP अस्पताल और बाबा साहेब डाॅ. अंबेडकर अस्पताल में जच्चा-बच्चा देखभाल के लिये अलग से नये भवन का निर्माण किया जा रहा है. केजरीवाल सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में चिकित्सा तंत्र को मजबूत बनाने और सुविधाओं से लैस करने का काम कर रही है.

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नई दिल्ली. कोरोना (Corona) की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड्स की मची किल्लत को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने अब स्वास्थ्य तंत्र (Health System) को और मजबूत करने के लिए जोर शोर से कार्रवाई शुरू कर दी है.

सरकार की ओर से जहां मौजूदा अस्पतालों में चिकित्सा संसाधनों को बढ़ाने का काम किया जा रहा है. वहीं नये अस्पतालों का निर्माण जल्द से जल्द कराने और मौजूदा अस्पतालों को रिमॉडलिंग के तहत तैयार कराने का काम भी किया जा रहा है.

दिल्ली सरकार के अरुणा आसफ अली अस्पताल (Aruna Asaf Ali Hospital) को जहां बेहतर चिकित्सा सेवाओं से लैस करने के लिए रीमॉडलिंग के तहत तैयार करवाने का काम किया जा रहा है. वहीं, कोविड-19 (COVID-19) मरीजों का बड़े स्तर पर इलाज करने वाले लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP Hospital) में एक नया जच्चा-बच्चा देखभाल बिल्डिंग का भी अलग से निर्माण किया जा रहा है.

इसी तरह, रोहिणी स्थित बाबा साहेब डाॅ. अंबेडकर अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड केयर को समर्पित 463 बेड क्षमता का एक नया ब्लाॅक भी बनाया जा रहा है. इससे दिल्ली के बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिलेगी. इससे इस अस्पताल की मौजूदा बेड क्षमता 500 से बढ़कर 963 हो जाएगी.
इसके अलावा संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और रोहिणी स्थित डाॅ. अंबेडकर अस्पताल में भी नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है. संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में नई बिल्डिंग बनने के बाद बेड क्षमता 300 से बढ़कर 662 हो जाएगी.

बताते चलें कि केजरीवाल सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में चिकित्सा तंत्र को ज्यादा से ज्यादा मजबूत बनाने और सुविधाओं से लैस करने का काम कर रही है. इसको लेकर दिल्ली सरकार की ओर से रणनीति भी तैयार की गई है जिस पर लगातार काम किया जा रहा है. इस लहर को बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने हाल ही में इन दोनों अस्पतालों (अरुणा आसफ अली और एलएनजेपी) का दौरा भी किया था. सरकार की ओर  से अरुणा असफ अली अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए सुधार कार्य किया जा रहा है. साथ ही अस्पताल को बेहतर सुविधाओं के साथ फिर से तैयार किया जा रहा है. अस्पताल के नव निर्माण से बेड़ों की क्षमता में बढ़ोतरी होगी.



सत्येंद्र जैन का भी कहना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार की कोशिश है कि दिल्ली के स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए ताकि अत्याधुनिक स्वास्थ्य ढांचे से कई दशकों तक दिल्ली के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.

इन निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द तैयार करने की कोशिश

दिल्ली सरकार की ओर से पांच निर्माणाधीन अस्पतालों काे जल्द‌ से जल्द तैयार कराने‌ का भी काम किया जा रहा है. मादीपुर और ज्वालापुरी में दो नए अस्पताल बन रहे हैं. आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल की क्षमता को 500 बेड, श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय की क्षमता को 300 बेड और गुरु गोविंद सिंह अस्पताल की बिस्तर क्षमता को 572 बेड़ तक बढ़ाया जा रहा है.

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