कोरोना की तीसरी लहर: DCI ने की डेंटल सर्जन-डेंटिस्‍ट को कोविड इलाज में लगाने की मांग

डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों के इलाज के लिए डेंटल सर्जन को लगाने की मांग की है.

डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से मांग की गई है कि कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए देशभर में मौजूद डेंटिस्‍ट्स को नियुक्‍त किया जा सकता है. जो कि कोरोना के मरीजों के बेहतर इलाज की दिशा में ए‍क प्रभावी कदम होगा.

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    नई दिल्‍ली. देश में कोरोना की तीसरी लहर के दस्‍तक देने का अनुमान लगाया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में कोरोना के पॉजिटिव मामलों की दर बढ़ी है. वहीं केरल और महाराष्‍ट्र जैसे राज्‍यों में अभी भी बड़ी संख्‍या में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में तीसरी लहर में डॉक्‍टरों की कमी पूरी करने के लिए डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से अपील की है.

    डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से मांग की गई है कि कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए देशभर में मौजूद डेंटिस्‍ट्स को नियुक्‍त किया जा सकता है जो कि कोरोना के मरीजों के बेहतर इलाज की दिशा में ए‍क प्रभावी कदम होगा. इसके लिए डेंटिस्‍ट्स के लिए बेहद छोटी अवधि के एक ब्रिज कोर्स की भी मांग की जा रही है ताकि कोरोना के दौरान आने वाली समस्‍याओं और उनसे निपटने के लिए ये बतौर एक्‍सपर्ट काम कर सकें.

    डीसीआई के एक्‍जीक्‍यूटिव सदस्‍य डॉ. अनिल चांदना कहते हैं कि जिस तरह कोरोना की दोनों लहरों के दौरान मरीजों की संख्‍या बढ़ी थी, ऐसी स्थिति अगर तीसरी लहर में आई तो बड़ी संख्‍या में डॉक्‍टरों की संख्‍या भी बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी. जिसे एकाएक नहीं बढ़ाया जा सकता जबकि भारत में 35-40 हजार की संख्‍या में मौजूद डेंटल सर्जन या डेंटिस्‍ट को इसमें लगाया जा सकता है.

    डॉ. चांदना कहते हैं कि एक डेंटिस्‍ट शरीर के संबंध में वह सभी पढ़ाई करता है जो एक एमबीबीएस डॉक्‍टर करता है. डेंटिस्‍ट भी एनाटॉमी, फिजियोलॉजी आदि सभी विषय पढ़ने के साथ ही नर्व सिस्‍टम, दवाओं के संबंध में पूरी जानकारी रखता है. हालांकि कोरोना के दौरान ऑक्‍सीजन लगाने, आईसीयू, दवाओं की जानकारी और कुछ अन्‍य काम आने वाले उपकरणों और तरीकों के बारे में जानकारी दिया जाना जरूरी है.

    देश में करीब 35-40 हजार डेंटिस्‍ट या डेंटल सर्जन काम कर रहे हैं. जिन्‍हें कोरोना की तीसरी लहर में कोविड मरीजों के लिए नियुक्‍त करने की मांग की जा रही है.
    देश में करीब 35-40 हजार डेंटिस्‍ट या डेंटल सर्जन काम कर रहे हैं. जिन्‍हें कोरोना की तीसरी लहर में कोविड मरीजों के लिए नियुक्‍त करने की मांग की जा रही है.


    इसके साथ ही डेंटिस्‍ट को अगर गंभीर मरीजों के लिए लगाया जा रहा है तो उन्‍हें किसी एमबीबीएस फिजिशियन की सुपरविजन में भी लगाया जा सकता है. इससे कोरोना मरीजों को बेहतर और एक्‍सपर्ट की निगरानी में डॉक्‍टरों के द्वारा बेहतर इलाज मिलेगा.

    चांदना कहते हैं कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्रालय से मांग की गई है. साथ ही डीसीआई की ओर से काफी सुझाव भी दिए गए हैं. अभी हाल ही में हुए बदलावों के बाद संभावना है कि इस संबंध में कोई कदम उठाया जाएगा.

    राज्‍यों ने नियुक्‍त किए हैं डेंटिस्‍ट

    डॉ. चांदना बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कुछ राज्‍यों ने अपने यहां कोरोना मरीजों के लिए डेंटिस्‍टों की सेवाएं ली हैं. महाराष्‍ट्र, गुजरात और उत्‍तर प्रदेश में कुछ जगहों पर डेंटल सर्जन को कोरोना मरीजों के इलाज में लगाया गया है. हालांकि उन्‍हें कुछ दिन की ट्रेनिंग दी गई है. इसी तरह की ट्रेनिंग अगर सभी को दे दी जाए तो किसी भी लहर में देश में डॉक्‍टरों की कमी नहीं होगी.

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