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कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए एक्‍सपर्ट की सलाह, इन दो चीजों पर करें फोकस

कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए एक्‍सपर्ट की सलाह, इन दो चीजों पर करें फोकस

कोरोना की तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए कोरोना से होने वाली एक भी मौत को रोकना जरूरी है.

कोरोना की तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए कोरोना से होने वाली एक भी मौत को रोकना जरूरी है.

corona third wave: स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकारों को कोरोना से एक भी मौत को रोकने के लिए इंतजाम करना होगा वहीं आम लोगों को कोरोना के मामले न बढ़ें इसके लिए कोविड अनुरूप व्‍यवहार का पालन करना होगा.

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना की तीसरी लहर (Covid 19 third wave) आने की संभावना जताई जा रही है. स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो अगले डेढ़ से दो महीने के अंदर भारत में फिर से कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं. इतना ही नहीं वायरस में आए दिन हो रहे म्‍यूटेशन के कारण अब एक और और डेल्टा प्‍लस (Delta Plus) नाम का वेरिएंट सामने आया है, जिसके खतरनाक होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर सरकारें और आम लोग कुछ चीजों पर फोकस करें तो किसी भी लहर के नुकसान को कम किया जा सकता है.

दिल्‍ली के जाने-माने पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल से रिटायर्ड डॉ. सतपाल कहते हैं कि अभी तक देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर (Corona Second Wave) में दो बड़े अंतर देखने को मिले हैं और वे हैं कोरोना (Corona) के बढ़े हुए मामले और इससे मौतें. पहली लहर में कोरोना के मामले एक लाख तक पहुंचे थे लेकिन इस लहर में तीन से चार गुना ज्‍यादा बढ़ गए. लगभग इसी के अनुपात में मौतों में भी अंतर आया. अब चूंकि तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है तो सिर्फ कुछ चीजों पर फोकस करके आम जन को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है.

वे कहते हैं कि तीसरी लहर को रोकने या कमजोर करने के लिए सरकारों और आम जन दोनों को ही फोकस करना पड़ेगा. हालांकि इसकी गंभीरता और मृत्‍यु दर (Corona Death Rate) को घटाने के लिए सरकारों को कुछ उपाय भी करने की जरूरत है.

कोरोना की किसी भी लहर में सरकारें करें इस पर फोकस

डॉ. सतपाल की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में भी कहा गया है कि अगर सरकारें कोरोना की किसी भी लहर को नियंत्रित करने के लिए तमाम उपाय करने के साथ ही अगर सिर्फ मौतों को रोकने पर फोकस करें तो नुकसान को बहुत कम किया जा सकता है. वे कहते हैं कि कोरोना से हुई एक भी मौत दुखदाई है. ऐसे में ऐसा मैकेनिज्‍म और सिस्‍टम तैयार करने की जरूरत है कि किसी भी स्थिति में मरीज को मरने न दिया जाए. यानी कि कोरोना मरीजों की जीवनदायिनी व्‍यवस्‍थाओं पर फोकस किया जाए.

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जैसा कि दूसरी लहर में देखा गया तो उसी के अनुभव से सबक लेकर ऑक्‍सीजन, वेंटिलेटर, कोरोना में काम आने वाली जरूरी दवाएं और जो भी आपातकालीन मेडिकल जरूरतों की चीजें हैं उन्‍हें मजबूत किया जाए. अगर देश में कोरोना के मामले बढ़ते भी हैं तो भी किसी को मौत की तरफ जाने से रोक लिया जाए. सरकारी और प्राइवेट अस्‍पताल सहित प्रशासन और प्रबंधन पूरी तैयारी इस पर लगाए कि लोगों को बचाया कैसे जाए. अगर किसी भी लहर में कोरोना से मौतों पर नियंत्रण कर लिया जाए तो कोरोना कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा.

डॉ. सतपाल कहते हैं कि जीवनरक्षक उपकरणों और दवाओं की आपूर्ति की पूरी व्‍यवस्‍था करने की जिम्‍मेदारी केंद्र और राज्‍य सरकारों की है ऐसे में सरकारें अगर इस पर ज्‍यादा ध्‍यान दें तो काफी चीजें ठीक हो सकती हैं.

आम लोगों को करना होगा इस पर फोकस

डॉ. सतपाल कहते हैं कि देश की जनता को भी कोरोना की इस लड़ाई में आगे बढ़कर काम करना होगा. आखिर यह जनता को ही तो बीमारी से बचाने की पूरी कवायद है. लिहाजा लोगों को चाहिए कि देश में कोरोना को फैलने से रोके और खुद के साथ सभी को सुरक्षित रखने की कोशिश करें ताकि कम से कम मामले कोरोना के होंगे तो न तो संसाधनों की कमी होगी और न ही ऐसा होगा कि किसी को समय से इलाज नहीं मिल पाया.

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डॉ. कहते हैं कि लोगों को अपना और परिवार का वैक्‍सीनेशन जितना जल्‍दी संभव हो करा लेना चाहिए. इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करें और उनकी मदद भी करें. जितना ज्‍यादा वैक्‍सीनेशन होगा कोरोना वायरस की क्षमता उतनी कमजोर होती जाएगी. इसके अलावा सावधानी और एहतियात दोनों ही बरतने की जरूरत है.

लोगों को चाहिए कि वे मास्‍क पहनें, सोशल डिस्‍टेंसिंग बनाएं, सरकारों की ओर से छूट के बावजूद शादियों और समारोहों में शिरकत कम से कम करें और दूरी बनाए रखें. घर और अपनी साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान रखें. साथ ही कोविड अनुरूप व्‍यवहार के साथ ही खान-पान पर ध्‍यान दें. जिससे कोरोना को दूर रखने में मदद मिलेगी. साथ ही अगर कोरोना होता भी है तो उसका गंभीर परिणाम नहीं भुगतना पड़ेगा.

डॉ. सतपाल कहते हैं कि लोग इन चीजों का पालन करके मामलों को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं. इससे तीसरी लहर का खतरा टल जाएगा या फिर ज्‍यादा गंभीर नहीं होगा.

Tags: Corona cases in india, Corona third wave, Corona Virus, Delta Plus Covid Variant

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