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Coronavirus: अब विदेश से आने वाले यात्रियों का इन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा जरूरी
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Anoop Mishra | News18Hindi
Updated: March 21, 2020, 7:12 PM IST
Coronavirus: अब विदेश से आने वाले यात्रियों का इन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा जरूरी
विदेश से आने वाले सभी मुसाफिरों का भारतीय एयरपोर्ट पर सघन स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया जा रहा है.

भारतीय एयरपोर्ट (Indian Airport) पर मेडिकल टेस्‍ट (Medical Test) के बाद ही यात्रियों को उनके पासपोर्ट (Passport) वापस मिलेंगे. प्रकिया पूरी होने तक सभी यात्रियों के पासपोर्ट इमीग्रेशन सीआईएसएफ (CISF) के सुपुर्द रहेंगे.

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  • Last Updated: March 21, 2020, 7:12 PM IST
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नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए देश के सभी अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट (International Airport) पर हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. इन्हीं एहतियाती कदमों में एक कदम है विदेश से आने वाले यात्रियों (Passanger) का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण (Medical Test). यह बात दीगर है कि शुरुआत में एयरपोर्ट (Airport) पर उन्‍हीं यात्रियों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया जाता था जो कोरोना वायरस संक्रमित देशों (Corona affected contraries) से आ रहे हैं. लेकिन, देश में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते गए, वैसे-वैसे एयरपोर्ट पर मेडिकल टेस्‍ट की प्रक्रिया के दायरे को बढ़ाया गया. फिलहाल, विदेश से आने वाले शत-प्रतिशत यात्रियों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया जा रहा है. ताकि कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित शख्‍स देश में दाखिल न हो सके.

एयरक्राफ्ट से उतरते ही हो रहा है मेडिकल टेस्‍ट
एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, तीन से चार एयरोब्रिज के बीच एक मेडिकल सेंटर बनाया है. विमान से उतरते ही यात्रियों को इस मेडिकल सेंटर में लाया जाता है. यहां सबसे पहले मुसाफिरों का बॉडी टैंपरेचर लिया जाता है. यदि किसी यात्री का टैंपरेचर अधिक है या उसमें कोरोना वायरस के दूसरे लक्षण दिख रहे हैं तो उसे तत्‍काल मेडिकल सूट पहना कर गहन स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के लिए मंत्रालय द्वारा अधिकृत किए गए हॉस्पिटल में भेज दिया जाता है. इसके अलावा, जिन यात्रियों का बॉडी टैंपरेचर सामान्‍य है, उन्‍हें इमीग्रेशन की प्रक्रिया के लिए आगे रवाना कर दिया जाता है, जहां यात्रियों के पासपोर्ट और वीजा की जांच की जाती है.

एयरोब्रिज पर प्रारंभिक स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के बाद इमीग्रेशन जांच के लिए मुसाफिरों को ले जाते सीआईएसएफ के अधिकारी. Officers of CISF carrying passengers for immigration check after initial health test on aerobridge.
एयरोब्रिज पर प्रारंभिक स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के बाद इमीग्रेशन जांच के लिए मुसाफिरों को ले जाते सीआईएसएफ के अधिकारी.




बताना होगा, किन-किन देशों में घूम कर रहे हैं यात्री
कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे देशों से आने वाले मुसाफिरों के स्‍वास्‍थ्‍य जांच में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. एयरपोर्ट पर ऐसे मुसाफिरों की पहचान की जा रही है, जिन्‍होंने बीते कुछ महीनों के अंतराल में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे देशों की यात्रा की है. लिहाजा, एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के ठीक बाद मुसाफिरों को एक सेल्‍फ डिक्‍लेरेशन फार्म भरना होगा. इस फार्म में आपको बताना होगा कि आपने बीते चार महीनों के अंतराल में किन-किन देशों की यात्रा की है. बीते चार महीनों के दौरान, उन्‍हें किसी तरह की कोई बीमारी तो नहीं हुई है. यात्रियों की बात से संतुष्‍ट होने पर एयरपोर्ट पर तैनात डॉक्‍टर्स डिक्‍लेरेशन फार्म पर अपना कमेंट लिखते है.

टेस्‍ट पास करने के बाद ही यात्रियों को मिलेगा पासपोर्ट
एयरपोर्ट परिचालन से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, इमीग्रेशन प्रक्रिया के दौरान मुसाफिरों के पासपोर्ट और वीजा की जांच की जाती है. पूर्व में इमीग्रेशन जांच पूरी होने के बाद, पासपोर्ट मुसाफिरों के सुपुर्द कर दिया जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. इमीग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुसाफिरों के पासपोर्ट और हेल्‍थ डेक्‍लेरेशन फार्म सीआईएसएफ के सुपुर्द कर दिया जाता है. सीआईएसएफ 30-30 का बैच तैयार कर इन्‍हें एयरपोर्ट पर बनाए गए हेल्‍थ सेंटर पर लेकर जाती है. जहां पर एक बार फिर सभी यात्रियों को स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया जाता है. जांच के दौरान, संदेह के घेरे में आने वाले यात्रियों को हॉस्पिटल भेज दिया जाता है. वहीं, अन्‍य मुसाफिरों को कोरोना से जुड़ी जानकारी देने के बाद ‘होम कोरेंटाइन’ में भेज दिया जाता है. इस पूरी प्रकिया के बाद ही यात्रियों को उनका पासपोर्ट सौंपा जाता है.

अंतिम स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए मुसाफिर. Traveler waiting for his turn for the final health test.
अंतिम स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए मुसाफिर.


एक बैगेज बेल्‍ट से दूसरे बैगेज में जाने की इजाजत नहीं
इन दिनों एयरपोर्ट पर मुसाफिरों को सिर्फ उसी बैगेज बेल्‍ट पर जाने की इजाजत है, जिस पर उनका सामान आने वाला है. किसी भी मुसाफिर को दूसरे बैगेज बेल्‍ट में जाने की इजाजत नहीं है. इस बात को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने दो बैगेज बेल्‍ट के बीच सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती भी की है. इसके अलावा, बैगेज बेल्‍ट में ग्राउंड स्‍टाफ तैनात किया गया है, जो बेल्‍ट में आने वाले सामान को पहले से अलग करके यात्रियों को पहुंचा रहे हैं. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बैगेज बेल्‍ट को बार-बार सेनेटाइज भी किया जा रहा है.

इन घरेलू यात्रियों की भी एयरपोर्ट पर होगी मेडिकल जांच
एयरपोर्ट के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, घरेलू उड़ान पर जा रहे मुसाफिरों की बॉडी टैंपरेचर थर्मल इमेजिंग की जा रही है. जिससे कोरोना वायरस से संक्रमित मुसाफिरों को विमान में जाने से रोका जा सके. वहीं, एराइवल में घरेलू मुसाफिरों की जांच नहीं हो रही है. एराइवल के दौरान, उन्‍हीं मुसाफिरों की मेडिकल जांच की जा रही है, जिन्‍होंने इंटरनेशनल फ्लाइट में घरेलू यात्रा की है. उदाहरण के तौर पर, न्‍यूयार्क से आने वाली कोई फ्लाइट पहले दिल्‍ली आती है और बाद में मुंबई के लिए रवाना होती है. ऐसे में कई बहुत से यात्री मुंबई जाने के लिए दिल्‍ली एयरपोर्ट पर इस फ्लाइट में बोर्ड होते हैं. ऐसे मुसाफिरों को एयरपोर्ट पर पूरी मेडिकल जांच का सामना करना होगा.

हवाई यात्रा पर जाने वाले सभी मुसाफिरों के बॉडी टैंपरेचर की एयरपोर्ट पर थर्मल इमेजिंग की जा रही है. Thermal imaging of the body temperature of all passengers traveling by air is being done at the airport.
हवाई यात्रा पर जाने वाले सभी मुसाफिरों के बॉडी टैंपरेचर की एयरपोर्ट पर थर्मल इमेजिंग की जा रही है.


ऐसे मुसाफिर बने हम-सब के लिए बड़ी मुसीबत
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, इन दिनों बहुत से मुसाफिर ऐसे भी हैं, जो मेडिकल जांच में बचने के लिए कई तरह की तिकड़म कर रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी यात्री को बुखार है तो भारत पहुंचने से कुछ घंटे पहले पैरासीटामॉल या क्रोसीन खा लेता है. जिससे भारतीय एयरपोर्ट पर पहुंचते-पहुंचते उसका बुखार उतर जाए और वह मेडिकल जांच से बच जाए. ऐसी कोशिशों को नाकाम करने के लिए अब सभी यात्रियों को तीन चरणों में मेडिकल टेस्‍ट किया जा रहा है. जिससे कोई भी संक्रमण की संभावना रखने वाला शख्‍स शहर में दाखिल न हो पाए.

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First published: March 21, 2020, 4:12 PM IST
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