दिल्‍ली पर भारी पड़ेगा वायु प्रदूषण, विशेषज्ञों का दावा- Corona पकड़ सकता है रफ्तार

हर साल सर्दी के मौसम में दिल्ली की वायु प्रदूषण बढ़ जाता है.
हर साल सर्दी के मौसम में दिल्ली की वायु प्रदूषण बढ़ जाता है.

दिल्‍ली (Delhi) में इस समय कोरोना वायरस (Covid-19) के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच, चिकित्सकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दी में वायु प्रदूषण (Air Pollution) की वजह से कोरोना अपने चरम पर होगा. यह सरकार (Government) के लिए बड़ी चुनौती होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 9:08 PM IST
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नई दिल्ली. चिकित्सकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का चरम स्तर शहर में कोविड-19 (Covid-19) की स्थिति को बिगाड़ सकता है और दिल्‍ली सरकार (Delhi Government) के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर सकता है. शहर की भौगोलिक स्थिति, प्रतिकूल मौसम, पराली का जलाया जाना और प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों समेत कई कारणों से हर साल सर्दी के मौसम में दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक स्तर पर चला जाता है.

पिछले साल हुई जन स्वास्थ्य आपात स्थिति की घोषणा
यही नहीं, उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित प्रदूषण नियंत्रण संस्था ने पिछले वर्ष नवम्बर में जन स्वास्थ्य आपात स्थिति की घोषणा की थी और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्कूलों को बंद करने, निर्माण गतिविधियों और डीजल डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगाने के आदेश दिये थे.

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विशेषज्ञों ने कही ये बात


आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग में सलाहकार डॉ. अक्षय बुधराजा ने कहा कि वायु प्रदूषण से ‘क्रोनिक ब्रोंकाइटिस’ और फेफड़ों की सूजन से पीड़ित लोगों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा हो जाता है और ऐसे रोगियों को कोविड-19 का खतरा अधिक हो सकता है. उन्होंने कहा कि यदि वे संक्रामक बीमारी के संपर्क में आ जाते है तो यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है. जबकि कोलंबिया एशिया अस्पताल, पुणे में सलाहकार, पल्मोनोलॉजी डॉ लक्ष्मीकांत कोटेकवार ने कहा कि अगर धूल से होने वाली एलर्जी का पिछला इतिहास है, तो यह अस्थमा के खतरे की ओर इशारा करता है.

यही नहीं, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में शोधकर्ता संतोष हरीश ने कहा कि इस साल आर्थिक गतिविधियों के कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम रहेगा. हालांकि उन्होंने वायु प्रदूषण से कोविड-19 संक्रमण की गंभीरता बढ़ने की आशंका है और सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर सकता है.
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