ITBP ने फिर से तैयार किया छतरपुर का कोविड सेंटर, दिल्ली-NCR के लिए बन सकता है लाइफ लाइन

दिल्ली के छतरपुर में देश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो गया है.

दिल्ली के छतरपुर में देश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो गया है.

कोरोना संक्रमण की समस्या से जूझ रही दिल्ली के लिए राहत की खबर भरी खबर है. देश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर फिर से तैयार हो गया है. अगले दो से तीन दिनों में ये कोविड केयर सेंटर चालू हो जाएगा. पिछले साल ये सेंटर दिल्ली वालों के लिए लाइफलाइन साबित हुआ था.

  • Last Updated: April 22, 2021, 9:21 PM IST
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नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े कोविड सेंटर जहां  10 हज़ार बेड की क्षमता वाले सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर ( Sardar Patel Covid Care Centre & Hospital  )  इस साल फिर से बनकर लगभग तैयार हो चुका है, पिछले साल ये कोविड अस्पताल दिल्ली -एनसीआर में रहने वालों के लिए वरदान साबित हुआ था. पिछले साल करीब 11 हजार से ज्यादा लोगों का इस कोविड अस्पताल में इलाज हुआ था. लेकिन इसी साल 23 फरवरी को इस अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अचानक अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामले को देखते हुए इस अस्पताल को फिर से प्रारम्भ करने का निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लिया गया, लिहाजा ITBP के डीजी सहित अन्य अधिकारी  खुद मौके पर जाकर निर्माणाधीन अस्पताल का मुआयना किया.

विश्व का सबसे बड़ा कोविड सेंटर अस्पताल बना है दिल्ली में

साउथ दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास में बना ये कोविड केयर सेंटर 25 एकड़ में फैला हुआ है. इसमें कोरोना के मरीजों के लिए 10 हज़ार बेड लगाए जाने हैं, अभी फिलहाल मरीज़ों के लिए 500 बेड तैयार हैं, जिससे कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है. पिछले कुछ दिनों में ये देखा गया था कि दिल्ली में भी कई अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए बेड नहीं मिल पा रहा था. इसलिए दिल्ली वासियों के लिए ये एक वरदान जैसा साबित हो सकता है.

ITBP को मिला है जिम्मा 
ये दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर होगा,इसे चलाने का ज़िम्मा आईटीबीपी को दिया गया है, यहां करीब 875 डॉक्टर और इतनी हो संख्या में दूसरा मेडिकल स्टाफ तैनात होगा. ज्यादा से ज्यादा मरीज़ों के लिए ऑक्सीज़न की इस सेंटर में व्यवस्था होगी. दिल्ली एनसीआर में कोरोना मरीजों की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी हो रही है, लेकिन इस कोविड सेंटर में कोशिश की जा रही है. यहां पर ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद मरीजों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन और जीवन को बचाने के लिए उचित उपकरण और मेडिसीन की व्यवस्था हो जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके. कोविड स्पेशल डॉक्टरों के मुताबिक आने वाला तीन सप्ताह कोरोना के प्रचार प्रसार और उसके रोकथाम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुका है.
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