12 साल की मासूम को Sex racket में धकेला था सोनू पंजाबन ने, अब पीड़िता को मिला 7 लाख मुआवजा
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12 साल की मासूम को Sex racket में धकेला था सोनू पंजाबन ने, अब पीड़िता को मिला 7 लाख मुआवजा
सोनू पंजाबन को 24 साल व उसके सहयोगी संदीप को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई

महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने कहा, 'मैं कोर्ट का सोनू पंजाबन के प्रति सख़्त रुख़ का स्वागत करती हूं. न जाने ऐसी कितनी मासूम बच्चियों को बेच दिया जाता है, जिस्मफरोशी में धकेल दिया जाता है. सोनू पंजाबन ने ऐसी अनगिनत बच्चियों के जीवन बर्बाद किया है....

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नई दिल्ली. राजधानी समेत देश के कई राज्यों में सेक्स रैकेट (Sex racket) चलाने वाली और नाबालिग बच्चियों को इस रैकेट का हिस्सा बनाने वाली गीता अरोड़ा (Geeta Arora) उर्फ सोनू पंजाबन (Sonu Punjaban) को दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 24 साल की सजा सुनाई साथ ही इस काले कारनामें में उसके सहयोगी संदीप को भी कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई. कोर्ट ने पीड़िता को 7 लाख का मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए.

छोटी बच्चियों की तस्करी करता था ये रैकेट
बता दें कि नाबालिग लड़की को जबरन देह व्यापार में धकेलने के आरोप में गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को ये सजा मिली है. जबकि कोर्ट ने उसके साथी संदीप को नाबालिग से रेप और उसे देह व्यापार में जबरन धकेलने के आरोप में 20 साल कैद की सजा दी. दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने कुछ दिन पहले जब सोनू पंजाबन और संदीप को दोषी करार दिया था. उसके बाद तिहाड़ जेल में बंद सोनू पंजाबन ने आत्महत्या के प्रयास का ड्रामा भी किया था. द्वारका कोर्ट में आदेश सुनाते हुए जज ने सोनू पंजाबन की शिकार बनाई गई पीड़िता को ₹7 लाख का मुआवज़ा देने का भी ऐलान किया. छोटी बच्चियों की तस्करी और जिस्मफरोशी करवाने के जुर्म में सोनू पंजाबन को द्वारका कोर्ट के जज प्रीतम सिंह ने 24 साल की सज़ा सुनाई.

कोर्ट के सामने आई पीड़िता की दर्द भरी कहानी
सोनू पंजाबन ने किस तरह छोटी सी बच्ची को प्रताड़ित किया यह भी कोर्ट के सामने जाहिर हुआ. बताया गया कि महज 12 साल की उम्र में पीड़िता को पहले संदीप नामक व्यक्ति द्वारा किडनैप किया गया और उसके साथ बलात्कार किया. उसके बाद उसने बच्ची को एक महिला को बेच दिया जिसने उस बच्ची को जिस्मफरोशी में धकेला और उसके बाद कई बार बच्ची को बेचा गया. कुछ समय बाद उस बच्ची को सोनू पंजाबन को बेच दिया गया जिसने बच्ची को अलग अलग लोगों के पास भेजकर जिस्मफरोशी करवाई. बच्ची को 2-3 महीने अपने पास रखने के बाद उसने पीड़िता को लखनऊ में बेच दिया.



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दिल्ली महिला आयोग ने की पीड़िता की मदद
दिल्ली महिला आयोग की वकील ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के साथ जिस समय ये घटना हुई, उस समय उसकी उम्र केवल 12 वर्ष थी, न केवल बच्ची का पूरा बचपन उससे छीना गया, बल्कि उसे जीवन भर के ज़ख़्म दिए गए. इसके मद्देनजर पीड़िता के पुनर्वास के लिए कोर्ट से मुआवजे की अपील की गई. कोर्ट को बताया गया कि पीड़िता को ₹2 लाख अंतरिम मुआवज़े के रूप में दिया गया था. जिसके बाद कोर्ट ने अब इसके अतिरिक्त पीड़िता को ₹7 लाख का मुआवज़ा देने की भी घोषणा करी है. महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. मालीवाल ने कहा, 'मैं कोर्ट का सोनू पंजाबन के प्रति सख़्त रुख़ का स्वागत करती हूं. न जाने ऐसी कितनी मासूम बच्चियों को बेच दिया जाता है, जिस्मफरोशी में धकेल दिया जाता है. सोनू पंजाबन ने ऐसी अनगिनत बच्चियों के जीवन बर्बाद किया है. जिस वक्त इस पीड़िता बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ उस वक्त उसकी उम्र केवल 12 साल थी. उसे न जाने कितनी बार बेचा गया, उसके साथ बलात्कार किया गया. शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. इस गुनाह के लिए तो जितनी सज़ा दी जाए उतनी कम है'. कोर्ट में पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई, इसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए. दिल्ली महिला आयोग की वकील ने पीड़िता की सहायता करी एवं पीड़िता को ₹7 लाख का मुआवज़ा कोर्ट से दिलवाया गया. पीड़िता के पुनर्वास के लिए आगे भी महिला आयोग ने मदद का आश्वासन दिया है.
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