बड़ी खबर: ग्यारह साल के बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या करने वाले पड़ोसी को रोहिणी की कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

दिल्‍ली (Delhi) की रोहिणी कोर्ट (Rohini Court) ने एक बच्‍चे के अपहरण (kidnapping) और हत्‍या(Killing) के दोषी को 11 साल फांसी की सजा सुनाई है. इधर परिवार वाले न्‍याय पाकर खुश हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 10:07 PM IST
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नई दिल्ली. आज से ग्यारह साल पहले रोहिणी इलाके में सुर्खियों में रहे 11 वर्षीय छठवीं कक्षा के छात्र मनन महाजन की फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के मामले में दोषी को रोहिणी कोर्ट ने मंगलवार को फांसी की सजा दी है. रोहिणी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने मामले के दोषी जीवक नागपाल उर्फ शैंकी को शाम करीब साढ़े चार बजे फांसी की सजा सुनाई. इसके पूर्व अदालत में पीड़ित पक्ष की ओर से सजा को लेकर दलीलें पेश की गईं, जिसमें मामले को दुर्लभतम श्रेणी को बताते हुए दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी.

दिल्ली की रोहणी कोर्ट ने 2009 में एक 11 साल के बच्चे के अपहरण के बाद उसकी हत्या करने के मामले में दोषी व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई है. मामले की सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट ने कहा कि यह अपने आप में एक क्रूर और जघन्य अपराध था. इसमें किसी भी प्रकार से नरमी नहीं बरती जा सकती है. कोर्ट ने इस मामले में युवक नागपाल को फांसी की सजा सुनाई है.

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मामले की सुनवाई करने वाले सत्र न्यायाधीश शिवाजी ने कहा कि इस तरह के कृत्य के लिए दोषी के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती और इस मामले में अजीवन कारावास की सजा देना अपर्याप्त है. लिहाजा दोषी को फांसी की सजा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. हालांकि मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने इस पूरे मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर करार दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि वर्तमान मामलों के तमाम तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद मेरा मानना है. कि 12 वर्ष से भी कम उम्र के निर्दोष बच्चे की हत्या करते हुए दोषी का कृत्य बेहद क्रूरता पूर्ण और जघन्य था.
क्या था मामला
अदालत में शिकायतकर्ता की तरफ से पेश वकील के मुताबिक दोषी ने 18 मार्च 2009 को बच्चे का अपहरण किया था और फिरौती मांगने के लिए उसके पिता को कई बार संदेश भेजा था. उसने बच्चे के पिता को चेतावनी भी थी कि अगर फिरौती की मांग पूरी नहीं की गई तो उसके बेटे की हत्या कर दी जाएगी और उनके घर को बर्बाद कर दिया जाएगा. हालांकि इस मामले में दोषी युवक नागपाल ने बच्चे को किसी भारी वस्तु से प्रहार करने के बाद उसका गला घोट कर उसकी हत्या कर दी थी. बच्चे की हत्या के बाद उसके शव को एक सूखे नाले में फेंक दिया गया था.
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