COVID-19: दिल्ली में बाहरी मरीजों का इलाज हो सकता है या नहीं, बताएगी डॉक्टरों की कमेटी

अहमदाबाद में कोरोना वायरस से डेथ रेट दिल्ली से चार गुना है.
अहमदाबाद में कोरोना वायरस से डेथ रेट दिल्ली से चार गुना है.

आईपी यूनिवर्सिटी (IP University) के वाइस चांसलर डॉ. महेश वर्मा (Dr. Mahesh Verma) को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. दिल्‍ली के हॉस्पिटल (Hospital) बाहरी राज्‍यों से आए मरीजों (Patient) का भार उठा पाने में सक्षम हैं या नहीं? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने 5 डॉक्‍टर्स की एक कमेटी बनाई है. आईपी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. महेश वर्मा को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है.

इस कमेटी में शामिल अन्‍य सदस्‍यों में गुरुतेग बहादुर हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्‍टर डॉ. सुनील कुमार, दिल्‍ली मेडिकल काउंसिल के प्रेसीडेंट डॉ. अरुण गुप्‍ता, दिल्‍ली मेडिकल काउंसिल के पूर्व प्रेसीडेंट डॉ. आरके गुप्‍ता और मैक्‍स हॉस्पिटल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्‍टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा को शामिल किया गया है.

कमेटी को खोजना है इन तीन अहम सवालों का जवाब
दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सतेंद्र जैन द्वारा गठित इस कमेटी को तीन सवालों के जवाब खोजने की जिम्‍मेदारी दी गई है. जिसमें, पहला सवाल दिल्‍ली के सभी हॉस्पिटल की तैयारियों से जुड़ा है. कमेटी को यह पता लगाना है कि दिल्‍ली के हॉस्पिटल ने COVID-19 की मौजूदा परिस्थिति से निपटने के लिए कितने तैयार हैं.
दूसरे सवाल में दिल्ली में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ोतरी और तीसरे सवाल में ऐसे क्षेत्र की पहचान करना है, जहां दिल्ली में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है. इस कमेटी से यह भी पूछा गया है कि बाहरी राज्‍यों से इलाज के लिए आने वाल मरीजों का भार लेने में दिल्‍ली के अस्‍पताल कितने सक्षम हैं.


बाहरी मरीजों को आधार बनाकर बंद किए गए थे दिल्‍ली के बार्डर
दिल्‍ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ती संख्‍या और हॉस्पिटल में बेड की कमी को लेकर केजरीवाल सरकार लगातार सवालों के घेरे में हैं. इन तमाम सवालों को देखते हुए केजरीवाल सरकार की तरफ से एक जून को दिल्‍ली की सभी सीमाओं को यह कहते ही सील कर दिया गया था कि बाहरी राज्‍यों से आने वाले मरीजों की वजह से दिल्‍ली के हॉस्पिटल में दबाब बढ़ा है.


बीते दिनों, लगातार यह कहा गया है कि बाहरी राज्‍यों के मरीजों के चलते दिल्‍ली मूल के लोगों को समुचित स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं नहीं मिल पा रही है. आपको बता दें कि दिल्‍ली में अब तक 22,132 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. दिल्‍ली में फिलहाल कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्‍या 12,333 है. वहीं, दिल्‍ली में अब तक कोरोना संक्रमण के चलते 556 लोगों की मौत हो चुकी है.


 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज