COVID-19: हुनर के बावजूद आर्थिक तंगी झेल रहे मूर्तिकार, गणेश चतुर्थी नजदीक लेकिन नहीं मिल रहे खरीददार
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COVID-19: हुनर के बावजूद आर्थिक तंगी झेल रहे मूर्तिकार, गणेश चतुर्थी नजदीक लेकिन नहीं मिल रहे खरीददार
बिक्री नहीं होने से कारीगर काफी परेशान हैं.

कोरोना संक्रमण (Coronavirus) का असर मूर्तिकारों की आमदनी पर भी पड़ा है. इस बार बड़े आयोजन नहीं हो रहे हैं और न ही बड़ी मूर्तियां बिक रही है. कारीगरों के सामने पिछले साल का कर्ज (Loan) चुकाने तक के पैसे नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 3:39 PM IST
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दिल्ली. उत्सव और त्योहारों में अपनी कला से लोगों की जिंदगियों में रंग भरने वाले मूर्तिकारों (Sculptors) की जिंदगी कोरोना संक्रमण (COVID-19) की वजह से बेरंग हो गई है. अमूमन सावन महीने की शुरुआत से ही मूर्तीकार और मिट्टी के कारीगरों की पूछ परख होने लगती थी. लेकिन इस बार ऐसे कुछ नहीं है. लोग एडवांस में ऑर्डर करते थे लेकिन इस बार खरीददार काफी कम है. इस वजह से मूर्तिकारों में निराशा दिख रही है. गणेश चतुर्थी का उत्सव नज़दीक है लेकिन इस साल ये उत्सव भी दूसरे त्योहारों की तरह फीका नज़र आ रहा है. गणेश जी की जो मूर्तियां हर साल अलग-अलग कद और अलग-अलग रंग में सड़कों किनारे लगी नज़र आती थी वो इस साल नज़र ही नहीं आ रही है.

हालंकि गिनी चुनी जगहों पर आपको कुछ मूर्तियां जरूर मिल जाएगी लेकिन पिछले सालों जैसा माहौल नजर नहीं आएगा. दरअसल, कोरोना वायरस की वजह से बड़े पंडाल लगेंगे नहीं और कोई दूसरा बड़ा आयोजन किया नहीं जा सकता. नतीजन मूर्तियाों के खरीददार मिल नहीं रहे हैं. यही वजह है कि मूर्तियां बनाने वाले कारीगरों ने इस साल नयी मूर्तियां बनानी ही बंद कर दी है.

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कर्ज चुकाने तक के पैसे नहीं
मूर्ती कारीगरों का कहना है कि पुरानी ही नहीं बिक पा रही है तो नई बनाकर क्या फ़ायदा. हर साल मूर्तियां बेचकर लाखों कमाने वाले इन कारीगरों का कहना है कि इस साल अब तक मुश्किल से 1-2 मूर्तियां ही बिकी है. बड़ी मूर्ति खरीदने वाला तो कोई आता ही नही. मूर्तिकार बताते है कि पिछले सालों हुई कमाई के मुक़ाबले इस साल कुछ भी कमाई नहीं हो पाई है. इसके अलावा ये मूर्तिकार हर साल क़र्ज़ा लेकर मूर्ति बनाने का सामान ख़रीदते हैं और फिर इन मूर्तियां को बेचकर क़र्ज़ा चुकाया जाता है. लेकिन हालात ये है कि अब क़र्ज़ा चुकाने तक के भी पैसे नहीं है. जिन हाथों को कभी ऐसे मौक़ों पर आराम नहीं मिल पाता था वो आज ख़ाली पड़े हैं.  गणेश चतुर्थी ही नहीं बल्कि अलग-अलग त्योहारों के मौक़े पर अच्छी कमाई करने वाले ये लोग आज आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. कोरोना की वजह से लगभग सभी कारीगरों का हाल कुछ ऐसा ही है.
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