COVID-19: कोर्ट ने रैपिड एंटिजन टेस्ट की अनुमति प्राइवेट अस्पतालों को न मिलने पर ICMR काे लगाई फटकार
Delhi-Ncr News in Hindi

COVID-19: कोर्ट ने रैपिड एंटिजन टेस्ट की अनुमति प्राइवेट अस्पतालों को न मिलने पर ICMR काे लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट में एंटीबॉडी टेस्टिंग रिपोर्ट मामले में आज वर्चुअल सुनवाई हुई (फाइल फोटो)

एंटीबॉडी टेस्टिंग रिपोर्ट देने के मामले पर नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) को बताया कि उन्हें सारे सर्विलांस सैंपल कलेक्शन की रिपोर्ट देने में समय लगेगा. जिसके बाद कोर्ट ने 27 जुलाई तक सारी रिपोर्ट पेश करने की मोहलत दी. साथ ही अब तक प्राइवेट अस्पतालों को रैपिड टेस्ट की अनुमति न मिलने को लेकर कोर्ट ने ICMR पर नाराजगी भी जताई.

  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) में आज कोरोना वायरस (Coronavirus) के एंटीबॉडी टेस्टिंग मामले में सुनवाई हुई. प्राइवेट अस्पतालों को रैपिड एंटिजन टेस्ट (Rapid antigen test) की अनुमति न दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट ने आईसीएमआर (ICMR) को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा ये फॉरमेलिटिज निभाने में देरी का समय नहीं है. कोर्ट ने 27 जुलाई तक का टाइम देते हुए इस मामले में एफिडेविट दायर करने को कहा है. दरअसल दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का आंकड़ा बेहद तेजी से बढ़ता जा रहा है. लोगों को टेस्ट की सुविधा मिलने में भी देरी हो रही है जिसके चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं.

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली में अब तक 2 लाख 81 हजार 555 लोगों का रैपिड एंटिजन टेस्ट करवाया जा चुका है. जिनमें 19 हजार 480 लोग पॉजिटिव पाए गए. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि जिन लोगों का रैपिड एंटिजन टेस्ट हुआ. इनमें से निगेटिव पाए जाने वाले 1365 लोगों का RT PCR टेस्ट कराया गया. जिनमें 243 लोग पॉजिटिव आये.

दिल्ली सरकार ने कहा सैम्पल कलेक्शन का हमारा काम पूरा
बता दें कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई एंटीबॉडी टेस्टिंग रिपोर्ट देने के मामले पर नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उन्हें सारे सर्विलांस सैंपल कलेक्शन की रिपोर्ट देने में समय लगेगा. यहां तक कि प्राथमिक रिपोर्ट देने में भी समय लगेगा. रिपोर्ट देने के लिए कॉर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा गया. जिसके बाद कोर्ट ने एनसीडीसी को 27 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने का समय दिया है. दरअसल, हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के समय नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) से कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में की गई सर्विलांस सैंपल कलेक्शन की रिपोर्ट के परिणामों और विश्लेषण पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करें. पिछली सुनवाई के समय दिल्ली सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि उसने अपना सर्विलांस सैंपल कलेक्शन का काम पूरा कर लिया है और अब बस केंद्र सरकार के स्वाथ्य और परिवार मंत्रालय के अंतर्गत एनसीडीसी से उसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है. जिसके बाद हाईकोर्ट ने आज एनसीडीसी को सीरो सर्विलांस सैंपल कलेक्शन की रिपोर्ट देने को कहा था.
ये भी पढ़ें- COVID-19 Update: दिल्‍ली में कोरोना के 1647 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 1.17 लाख के करीब





 

ICMR को कोर्ट ने लगाई फटकार
आईसीएमआर ने कोर्ट को बताया कि 60 प्राइवेट अस्पतालों की तरफ से उनके पास रैपिड एंटिजन टेस्ट की इजाजत मांगी गई थी. 28 प्राइवेट अस्पतालों को इसकी इजाजत दी गयी है. इन 28 प्राइवेट अस्पतालों में से 22 प्राइवेट अस्पताल रैपिड एंटिजन टेस्ट करेंगे बाकी के 6 प्राइवेट अस्पताल रैपिड एंटिजन टेस्ट और RT-PCR टेस्ट दोनों करेंगे. बाकी अस्पतालों को एप्रूवल देने में एक महीने का समय चाहिए कुछ फॉर्मेलिटीज करनी है. जिसके बाद कोर्ट ने आईसीएमआर पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रैपिड एंटिजन टेस्ट की अनुमति प्राइवेट हॉस्पिटल को देने में देरी क्यो हो रही है ? हाईकोर्ट ने आईसीएमआर से कहा कि जल्द से जल्द प्राइवेट हॉस्पिटल को रैपिड एंटिजन टेस्ट की अनुमति दी जाए. ये ऐसा समय है जब ज्यादा से ज्यादा लोगों का टेस्ट होना चाहिए ऐसे में औपचारिकता में न पड़ कर उन्हें टेस्ट करने की इजाजत देनी चाहिए. हाईकोर्ट ने 27 जुलाई तक आईसीएमआर को इस मामले में एफिडेविट दायर करने को कहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading