इस बार रावण भी झेलेंगे COVID-19 की मार, खाली बैठे हैं कारीगर, रामलीला पर भी संशय

रामलीला के लिए केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार है . (फाइल फोटो)
रामलीला के लिए केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार है . (फाइल फोटो)

हर साल दशहरे (Dussehra 2020) के करीब एक महीने पहले से रावण बनाने के ऑर्डर आने शुरू हो जाते थे, लेकिन इस बार कारीगरों खाली बैठे हैं. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 6:38 PM IST
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नई दिल्ली: कोरोना (COVID-19) की मार इस बार रावण पर भी पड़ रही है. रावण बनाने वाले कारीगर खाली बैठे हैं. हर साल जहां दशहरे पर महीने भर पहले से रावण (Ravan) बनाने के ऑर्डर आ जाते थे, लेकिन इस बार रामलीला (Ramleela) को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के चलते दशहरे के लिए रावण बनाने वाले कारीगरों के काम पर बड़ा असर पड़ रहा है. बता दें कि दिल्ली में रावण बनाने का सबसे बड़ा काम टैगोर गार्डन के पास तितारपुर गांव में होता है. यहां करीब 80 साल से रावण बनाने का काम हो रहा है. यहां रहने वाले 25 परिवार और उनसे जुड़े हैं हज़ारों कारीगर.

पिछले साल तक दशहरे से एक महीने पहले तक सड़क के किनारे और मेट्रो ट्रैक के पास रावण दिखाई देते थे. दशहरे के करीब एक महीना बचा है, लेकिन इस बार यहां सन्नाटा है. तितारपुर के ही रहने वाले नरेश पिछले 50 साल से रावण बनाने का काम कर रहे हैं. इस बार ये सिर्फ आर्डर पर ही छोटे रावण बना रहे हैं, लेकिन इसका भी नहीं पता कि ये बिक पाएंगे या नहीं. क्योंकि अभी रामलीला को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है.

लाखों का नुकसान



नरेश कहते हैं कि यहां 25 परिवार और उनसे जुड़े हज़ारों मंज़दूरों की रोजी रोटी का जरिया ये रावण ही हैं. कोरोना की वजह से इस बार काम बिल्कुल नहीं है.  3 महीने पहले काम के आर्डर आने शुरू हो जाते थे. एक सीज़न की कमाई से पूरे साल का खर्च चलता है. नरेश ने बताया कि सरकार हमारे बारे में भी सोचे. यहां काम करने वाले लोग मानते हैं इस बार काम नहीं होने से लाखों के नुकसान का अनुमान है.
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अभी तक गृह मंत्रालय की तरफ से रामलीला को लेकर कोई आदेश नहीं आया है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत दिल्ली स्टैंडिंग कमेटी के चैयरमैन योगेश वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी में लोगों की सेफ्टी को भी देखना है और जो गाइडलाइंस को देखना है जो गृह मंत्रालय से आएंगी. उसी को देखते हुए रामलीला का मंचन होगा. करोड़ों लोगों की आजीविका इससे प्रभावित हो रही है. दशहरे पर रावण बनाने वालों का काम भी इससे प्रभावित हो रहा है. हमें उम्मीद है गृह मंत्रालय जल्द ही रामलीला से जुड़ी गाइडलाइंस जारी करेगा, ताकि ऐसे लोगों की आजीविका चल सके.
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